राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रक्षा.बंधन की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्रीमती मुर्मु ने गुरुवार को अपने संदेश में रक्षा.बंधन के शुभ अवसर पर देशवासियों से अपील की कि वे परिवारों और समुदायों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि मैं देश.विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को रक्षा.बंधन के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। रक्षा.बंधन की पावन परंपरा प्राचीन काल से हमारी उपासना और संस्कृति का अंग रही है। श्रद्धापूर्वक हाथ पर बांधे गए धागे को रक्षा हेतु पवित्र सूत्र.बंधन यानी रक्षा.बंधन माना गया है। अनेक श्लोकों और मंत्रों में “रक्षे मा चल, मा चल” इन शब्दों में अनुरोध किया जाता है कि हे रक्षा रूपी बंधन तुम सदैव अचल रहो।
राष्ट्रपति ने कहा कि समय के साथ रक्षा.बंधन बहन की रक्षा के लिए भाई के हाथ पर राखी बांधने के भावपूर्ण सामाजिक पर्व के रूप में लोकप्रिय हुआ। यह पर्व भाई-बहनों, मित्रों तथा परिवार और समाज के विभिन्न सदस्यों के बीच आत्मीयता, सम्मान और एक.दूसरे के प्रति उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व याद दिलाता है कि जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग पर आधारित होती है। उन्होंने देशवासियों से अपील की आइए रक्षा.बंधन के शुभ अवसर पर हम अपने परिवारों और समुदायों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लें। साथ ही इसी भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ते रहें।
