दरभंगा जिले में तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
पटना। बिहार में प्रथम चरण के छह नवंबर को 121 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में दरभंगा जिले की तीन सीटों दरभंगा, बहादुरपुर और जाले में तीन मंत्रियों संजय सरावगी, मदन सहनी और जिवेश कुमार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है वहीं तीन विधायक मिश्री लाल यादव, स्वर्णा सिंह और अमन भूषण हजारी चुनाव लड़ने से वंचित रहे गए हैं। सांस्कृतिक रूप से समृद्ध दरभंगा जिले में दस सीटें कुशेश्वरस्थान (सु) गौड़ाबौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी और जाले है। इनमें दरभंगा, जाले, अलीनगर, केवटी, हायाघाट और गौड़ाबौराम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहादुरपुर, कुश्वेश्वरस्थान (सुरक्षित) और बेनीपुर में जनता दल यूनाईटेड(जदयू) जबकि दरभंगा ग्रामीण पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का कब्जा है।
दरभंगा सीट के चुनावी पिच पर पांच का दम दिखा चुके भाजपा के विधायक और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी इस बार सिक्सर मारने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं। वह लगतार पांच बार यहां जीत दर्ज कर चुके हैं। श्री सरावगी के विजयपथ को रोकने के लिये महागठबंधन के घटक दल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने रणनीति के तहत पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश सहनी को उम्मीदवार बनाया है। जनसुराज ने यहां भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ;को अपना प्रत्याशी बनाया है। पूर्व विधान पार्षद स्व. विनोद कुमार चौधरी की पुत्री और प्लूरल्स पार्टी प्रमुख पुष्पम प्रिया यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में लगी है। पुष्पम प्रिया चौधरी वर्ष 2020 में खुद को मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार घोषित कर चर्चा में आई थी।वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के श्री सरावगी ने राजद के अमरनाथ गामी को पराजित किया था। दरभगा सीट पर 13 उम्मीदवार चुनावी रण में उतरे हैं।
बहादुरपुर सीट पर जदयू विधायक और समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी की प्रतिष्ठा जुड़ी है। उनके सामने राजद ने पूर्व विधायक भोला यादव को चुनावी समर में उतारा है। वर्ष 2020 के चुनाव में श्री सहनी ने राजद के रमेश चौधरी को पराजित किया था। श्री सहनी यहां वर्ष 2010 और 2020 में चुनाव जीता है,जबकि 2015 में वह गौराबौराम से निर्वाचित हुये थे। बहादुरपुर सीट पर 17 उम्मीदवार चुनावी दंगल में जोर आजमा रहे हैं।
जाले विधानसभा क्षेत्र से नगर विकास एवं आवास मंत्री और भाजपा विधायक जीवेश कुमार फिर से मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस ने यहां पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा के पोते पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी श्री कुमार ने कांग्रेस उम्मीदवार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवसर्टी छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मश्कूर अहमद उस्मानी को पराजित किया था। कांग्रेस से बागी डॉ. मश्कूर अहमद उस्मानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी समर में उतरकर पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा के लिये मुश्किलें खड़ी कर दी है। जाले विधानसभा सीट से जिवेश कुमार दो बार लगातार यहां जीत दर्ज कर चुके हैं और इस बार हैट्रिक लगाने की कोशिश में हैं। जाले विधानसभा क्षेत्र से ललित नारायण मिश्र के पुत्र विजय कुमार मिश्र वर्ष 1990, 2000 और वर्ष 2010 में निर्वाचित हुये हैं। जाले विधानसभा क्षेत्र से 09 प्रत्याशी चुनावी रणभूमि में किस्मत आजमा रहे हैं।
अलीनगर सीट से भाजपा ने लोक गायिका मैथिली ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है। वहीं राजद ने विनोद मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है।वर्ष 2020 के चुनाव में वीआईपी के मिश्री लाल यादव ने राजद के विनोद मिश्रा को पराजित किया था। बाद में श्री मिश्री लाल यादव भाजपा में शामिल हो गए थे। मिश्री लाल यादव ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है और वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।अलीनगर से 12 उम्मीदवार चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं। केवटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने विधायक मुरारी मोहन झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं राजद ने यहां दिग्गज नेता अली अशरफ फातमी के पुत्र पूर्व विधायक फराज फातमी को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2020 में भाजपा के श्री झा ने राजद के अब्दुल बारी सिद्दिकी को पराजित किया था।श्री सिद्दिकी ने वर्ष 1995, 2000 फरवरी एवं अक्टूबर 2005 में बहेड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिधित्व किया जबकि वर्ष 2010 और 2015 में वह अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए। केवटी विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गुलाम सरवर ने 1990, 1995 और वर्ष 2000 में जीत हासिल की है। इसके बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री हुक्मदेव नारायण यादव के पुत्र अशोक कुमार यादव भाजपा के टिकट पर फरवरी 2005, अक्टूबर 2005 और वर्ष 2010 में जीत हासिल की। केवटी सीट पर दस उम्मीदवार चुनावी रण में डटे हैं।
हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने रामचंद्र प्रसाद को उम्मीदवार बनाया हैए वहीं राजद ने यहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के श्याम भारती पर दांव लगाया है। वर्ष 2020 में भाजपा के श्री प्रसाद ने राजद के प्रत्याशी भोला यादव को पराजित किया था। पूर्व केन्द्रीय मंत्री बालेश्वर राम ने इस क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व किया है। इस सीट पर 13 प्रत्याशी जोर आजमा रहे हैं। कुशेश्वर स्थान (सुरक्षित) विधानसभा सीट से जदयू ने पूर्व मंत्री अशोक कुमार के पुत्र अतिरेक कुमार को प्रत्याशी बनाया है, वहीं वीआईपी ने यहां गणेश भारती पर दांव लगाया है। वर्ष 2020 में जदयू के शशि भूषण हजारी ने कांग्रेस के अशोक कुमार को पराजित किया था। शशि भूषण हजारी के निधन के बाद वर्ष 2021 में हुए उपचुनाव में जदयू ने उनके पुत्र अमन भूषण हजारी को उम्मीदवार बनाया था। अमन भूषण हजारी ने राजद के गणेश भारती को पराजित किया था। इस बार जदयू ने विधायक अमन भूषण हजारी को बेटिकट कर दिया है। इस सीट पर दस उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं।
गौडा़बौराम सीट से भाजपा ने विधायक स्वर्णा सिंह को बेटिकट कर उनके पति भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी सुजीत कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। गौड़ाबौराम विधानसभा क्षेत्र से पहले राजद टिकट पर अफजल अली खान ने नामांकन पत्र भरा था और अंतिम समय में महागठबंधन ने यह सीट वीआईपी को दे दी थी। इसके बाद वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अपने छोटे भाई संतोष सहनी को गौड़ाबौराम विधानसभा का प्रत्याशी घोषित कर दिया। संतोष सहनी में नामांकन के समय मुकेश सहनी खुद उपस्थित थे। इस क्षेत्र में एक अजीब वाक्या हुआ। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर सूचित किया था कि उनकी पार्टी की ओर से नामांकन पत्र भरने वाले उम्मीदवार अफजल अली खान को चुनाव चिन्ह लालटेन आवंटित नहीं किया जाये। बावजूद इसके जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने राजद का चुनाव चिह्न लालटेन उन्हें आवंटित कर दिया। वहीं बहरहाल बाद में राजद ने वहां महागठबंधन के प्रत्याशी संतोष साहनी को समर्थन दे दिया है और उन्हें वोट देने की अपील की है।इस विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020 के चुनाव में वीआईपी उम्मीदवार स्वर्णा सिंह ने राजद के अफजल अली खान को पराजित कर दिया था। गौड़ाबौराम सीट से 12 प्रत्याशी चुनावी संग्राम में उतरे है।
दरभंगा ग्रामीण से राजद ने विधायक ललित कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया है, वहीं जदयू ने पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल को प्रत्याशी बनाया है।वर्ष 2020 में राजद के श्री यादव ने जदयू के फराज फातमी को पराजित किया था। ललित यादव ने छह बार विधानसभा का चुनाव जीता है। उन्होंने वर्ष 1995, 2000 और अक्टूबर 2005 में मनिगाछी विधानसभाए जबकि 2010, 2015 और 2020 में दरभंगा ग्रामीण से विजय हासिल की हैं।इस सीट पर 13 उम्मीदवार चुनावी दंगल में उतरे हैं। बेनीपुर से जदयू ने विधायक विनय कुमार चौधरी को उम्मीदवार बनाया है वहीं कांग्रेस ने यहां मिथिलेश कुमार चौधरी को चुनावी दंगल में उतारा है। वर्ष 2020 में जदयू के विनय कुमार चौधरी ने कांग्रेस के मिथिलेश चौधरी को पराजित किया था। बेनीपुर सीट पर 14 उम्मीदवार चुनावी संग्राम में जोर आजमा रहे हैं। इस बार भी जदयू और कांग्रेस के दोनो प्रत्याशियों के बीच चुनाव में भिड़त देखने को मिलेगी।
