मुजफ्फरपुर में बाढ़ से डूबे कई घर
पटना। उत्तर बिहार में बारिश की रफ्तार थमने के बाद भी नदियां तेवर में है। बूढ़ी गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे शहरी क्षेत्र के अखाड़ा घाट, सिकंदरपुर, झील नगर, कर्पूरी नगर के साथ आसपास के मुसहरी, कांटी और मीनापुर प्रखंड के दो हजार से अधिक घरों में पानी घुस गया है।
अखाड़ाघाट पुल से लेकर जीरो माइल, दादर जाने वाली सड़क किनारे के मोहल्ले, मेडिकल कॉलेज के सामने से लेकर कांटी प्रखंड के मिठन सराय तक के मोहल्ले के सड़क और घरों में पानी प्रवेश कर जाने से लोग तेजी से मुख्य सड़क, बांध और ऊंचे स्थान पर पलायन कर रहे हैं। जीरोमाइल से दादर जाने वाली सड़क के दोनों तरफ के मोहल्ले में खिड़की तक पानी है। टयूब और थर्मोकोल का नाव बना लोग किसी तरह अब जा रहे है।
अहियापुर थाना के आस-पास का मोहल्ला भी जलमग्न है। लोग माल-मवेशी के साथ सड़क पर घर बनाकर रह रहे है। उधर, बागमती नदी दोपहर के बाद खतरे के निशान से नीचे आ गयी है लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं है। औराई, कटरा व गायघाट के दो दर्जन से अधिक गांव में पानी घुसा हुआ है। लोग बांध व ऊंचे स्थान पर ठिकाना बनाए हुए है।चंदवारा, आश्रम घाट में पानी घुसा हुआ है और लोग लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से जो सुविधायें दी जानी चाहिए वो न के बरावर है। एक तो बारिश और दूसरी ओर बाढ के कारण कीडे मकोडे से अपने को बचाना असहज महशुस हो रहा है। रात- रात भर जाग कर किसी तरह जीवन यापन किया जा रहा है।
