हरिद्वार कुंभ 2021 : अखाड़ों की पेशवाई 8 और 9 मार्च को

हरिद्वार। कुंभ 2021 को भव्य और दिव्य रूप से मनाने के लिए अखाड़ों की पेशवाई की तिथि भी निर्धारित होने लगी है। महानिर्वाणी अखाड़ा और अटल अखाड़ा की पेशवाई 8 और 9 मार्च को होगी। सभी अखाड़ों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अखाड़ा संतों और सरकार द्वारा कुंभ 2021 को भव्य और दिव्य बनाने का ऐलान हो चुका है। अखाड़ों में पेशवाइयों और धर्म ध्वजा पूजन की तिथियां घोषित की जा रही हैं। महानिर्वाणी अखाड़े के महाराज रवींद्र पुरी का कहना है कि धर्म ध्वजा की जो परंपरा चली आ रही है उसमें कोई भी परिवर्तन और सरकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। कुंभ की जो धार्मिक परंपरा है उसका पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।
पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने बताया कि 9 अप्रैल को निर्मल अखाड़े की पेशवाई निकलेगी। पेशवाई के बाद 10 अप्रैल को अखाड़े में धर्म ध्वजा फहराई जाएगी।अखाड़े की साज.सज्जा व संतों.श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। 9 अप्रैल को अखाड़े की एक्कड़ कलां शाखा से पेशवाई निकाली जाएगी। पेशवाई के बाद 10 अप्रैल को अखाड़े में धर्म ध्वजा फहराई जाएगी। कनखल स्थित अखाड़े में पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि अखाड़े की पेशवाई की शोभा बढ़ाने के लिए जल्द ही जोधपुर से हथिनी को लाया जाएगा जो कुंभ मेले के दौरान आकर्षण का केंद्र भी होगी। महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि पेशवाई में पूरे देश के विभिन्न प्रांतों से जमात के संत बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री महाराज ने कहा कि 12 वर्ष के लंबे अंतराल पर कुंभ मेला आयोजित होता है। इसकी प्रतीक्षा करोड़ों श्रद्धालु करते हैं। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन अखाड़े के पेशवाई मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त कराए जिससे कुंभ मेले के दौरान संतों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।महंत अमनदीप सिंह महाराज ने कहा कि कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का गौरवशाली पर्व हैए जो अनेकता में एकता को दर्शाता है।
