हाथी पर सवार होकर इसबार आएंगी मां दुर्गा
यूं तो नवरात्र का नाम लेते ही दिल श्रद्धा से झुक जाता है और मां जगदंबा के भक्त पूजा में लीन होने को आतुर हो जाते हैं। इसबार शारदीय नवरात्र को लेकर भी श्रद्धालु काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं ऐसे में इस बात की जानकारी रखना आवश्यक हो जाता है कि इस नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन कैसे हो रहा है। तो हम बता दें कि इस शारदीय नवरात्र पर मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा हैै। इसबार का नवरात्र नौ दिनों का है जिसे ज्योतिषशास्त्र में शुभ माना गया है। दरअसलए जब भी नवरात्रि की शुरुआत सोमवार से होती है तब माना जाता है कि मां दुर्गा का आगमन हाथी पर सवार होकर होगा। ऐसे में बेहद खास नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा-अर्चना विशेष फलदायी है।
नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी एवं सिद्धिदात्री की पूजा होती है। 26 सितंबर सोमवार को कलश स्थापना होगी और पांच अक्तूबर विजयादशमी होगी। मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा 26 सितंबर सोमवार को होगी। 27 सितंबर मंगलवार को द्वितीया तिथि लग रही है। आम तौर पर नवरात्र नौ दिन का होता है इस बार भी नौ दिनों तक है। नवरात्र का बढ़ना व सामान्य होना शुभ माना जाता है जो समृद्धि का सूचक है। इस बार नवरात्र में कलश स्थापना 26 सितंबर को, चार अक्तूबर को नवमी एवं पांच अक्तूबर को विजयादशमी है।
इस बार की नवरात्रि को बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। हाथी पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा को बेहद ही शुभ माना जाता है। देवी पुराण के अनुसार माना जाता है कि नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन से मां के आगमन और प्रस्थान वाहन का पता चलता है। अगर मां का आगमन रविवार व सोमवार को हो रहा है तो यह हाथी पर होता है। मंगलवार व शनिवार को अश्व पर। गुरुवार व शुक्रवार को मां का आगमन पालकी पर होता है। बुधवार को मां का आगमन नौका पर होता है। इस साल मां का आगमन हाथी पर हो रहा है इसलिए यह देश के लिए व देशवासियों के लिए मिलाजुला संदेश है। मां का वाहन हाथी ज्ञान व समृद्धि का प्रतीक है। इससे देश में आर्थिक समृद्धि आयेगी और ज्ञान की वृद्धि होगी।
