पीएम मोदी ने कोल्हापुर से विपक्ष पर साधा निशाना

कोल्हापुर। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और इंडिया अलायंस पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने अपने भाषण के दौरान बाल ठाकरे को याद कर उद्धव ठाकरे पर भी हमला पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि याकूब मेमन की कब्र को संवारने वाले लोग से आप कोल्हापुर, महाराष्ट्र का भाग्य बदलने की उम्मीद नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस और उसके दोस्तों को एहसास हुआ कि वे विकास के ट्रैक रिकॉर्ड वाले भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकते तो उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी और वे राष्ट्रविरोधी एजेंडे और तुष्टीकरण की नीति का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अब कांग्रेस का एजेंडा है कि वे कश्मीर में आर्टिकल 370 को फिर से वापसी कराएंगे। किसी में हिम्मत है कि मोदी को इस कदम से पीछे हटा सके। मोदी ने देश में अस्थिर सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि आइएनडीआइए पांच साल में पांच प्रधानमंत्री बनाने के फार्मूले पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच साल में पांच प्रधानमंत्री का सपना देखने वालों को यह देश कभी सहन करने वाला नहीं है। इसलिए ये लोग देश पर गुस्सा उतार रहे हैं। प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अपने राज्याभिषेक समारोह के अवसर पर की गई इस घोषणा को उद्धृत किया कि श्अहद तंजावर, तहद पेशावर, अवघा मुलुख आपला, अर्थात तंजावुर से पेशावर तक पूरा देश अपना है।उन्होंने सवाल किया कि जिस धरती पर छत्रपति शिवाजी महाराज ने यह घोषणा की हो क्या वहां के लोग आइएनडीआइए के मंसूबे को पूरा होने देंगे।
प्रधानमंत्री ने राम मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि अयोध्या का अंसारी परिवार राम जन्मभूमि के विरोध में लंबे समय तक मुकदमा लड़ता रहा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद वह अंसारी भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए लेकिन कांग्रेस के लोग राम मंदिर के ट्रस्टियों द्वारा घर जाकर निमंत्रण देने के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा में नहीं आए। उन्होंने सवाल किया कि जो इस प्रकार भगवान राम को ठुकराएगा उसका आप क्या करेंगे।  पीएम मोदी ने कहा कि अघाडी वाले वोट बैंक की राजनीति में इतना गिर गए हैं कि शिवाजी महाराज की धरती पर औरंगजेब को मानने वालों से जाकर मिल गए। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस संविधान बदल कर दलित.पिछड़ों का आरक्षण धर्म के नाम पर बांटना चाहती है। ओबीसी के आरक्षण पर ये डाका क्या कोई बर्दाश्त करेगा क्या। बता दें कि देश में वंचितों को आरक्षण देने की शुरुआत देश स्वतंत्र होने से बहुत पहले कोल्हापुर से ही छत्रपति साहूजी महाराज ने की थी जिनके वंशज आज कोल्हापुर से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।

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