भारत-सेशेल्स के बीच विभिन्न क्षेत्रों में नौ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक, आर्थिक और विकास सहयोग को नई मजबूती देते हुए दोनों देशों ने रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान, कृषि, अंतरिक्ष, समुद्री परिवहन और कानून प्रवर्तन समेत विभिन्न क्षेत्रों में नौ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जबकि कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और सहायता पैकेज भी घोषित किए गए। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।
भारत ने सेशेल्स को समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, लेजर रेडियल श्रेणी की पांच नौकाएं और तटरक्षक बल के पीएस जोरास्टर पोत के रिफिट का कार्य पूरा कर सौंपा। इसके अलावा, सेशेल्स के डोर्नियर विमान को अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट तकनीक से अपग्रेड करने की भी घोषणा की गई।
मानवीय सहायता और विकास सहयोग के तहत भारत ने सेशेल्स को छह एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 टन सीमेंट सौंपा। वहीं दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक लोगो भी जारी किया गया और प्रोफेशनल एंड टेक्निकल एजुकेशन सेंटर की आधारशिला वर्चुअल माध्यम से रखी गई।
डिजिटल सहयोग के क्षेत्र में भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्रणाली को सेशेल्स में लागू करने के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच समझौता हुआ। इसके अलावाए जनऔषधि योजना के तहत सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, नाविकों के प्रशिक्षण प्रमाणन की मान्यता, प्रत्यर्पण संधि, अंतरिक्ष सहयोग और नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण की तैयारियों से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।
दोनों देशों ने विशेष आर्थिक पैकेज के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए एक अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। साथ ही, सेशेल्स ने भारत समर्थित कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की सदस्यता ग्रहण की। इन समझौतों और घोषणाओं को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत.सेशेल्स रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने तथा रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
