खुदरा बैंकिंग कारोबार समेटने पर सिटी ग्रुप कर रही विचार


नई दिल्ली। दुनिया की दिग्गज बैंकिंग कंपनी सिटीबैंक अब भारत में खुदरा बैंकिंग कारोबार समेटने पर विचार कर रही है। इसमें क्रेडिट कार्ड, सेविंग बैंक अकाउंट और पर्सनल लोन जैसे सेगमेंट शामिल हैं।

सिटी बैंक ने ग्लोबल लेवल पर यह फैसला किया है कि वह 13 मार्केट में अपने कारोबार से बाहर निकल जाएगी। अमेरिका की बैंकिंग कंपनी सिटीग्रुप ने वास्तव में दुनिया के कुछ धनी देशों पर ही ध्यान देने की योजना बनाई है। सिटी बैंक ने भारत में खुदरा कारोबार साल 1985 में शुरू किया था। दिलचस्प तथ्य यह है कि भारत में सिटी बैंक क्रेडिट कार्ड शुरू करने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक थी। कारोबार में रणनीतिक बदलाव के तहत अब सिटी बैंक भारत में कॉरपोरेट और इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग पर ज्यादा फोकस करने की योजना बना रही है।
सिटी बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव जैन फ्रेजर ने साल 2020 के नतीजे घोषित करने के बाद यह जानकारी दी है। सिटीबैंक अपनी ग्लोबल रणनीति के तहत ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, चीन, भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मलेशिया,  फिलीपींस, पोलैंड, रूस, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम से खुदरा कारोबार समेटने की योजना बना रही है। इसके साथ ही अमेरिका में सिटी बैंक का कंजूमर बैंकिंग कारोबार चलता रहेगा। फ्रेजर ने कहा कि बैंक की बदली रणनीति के तहत अब हमने अमीर इलाकों पर कारोबार का फोकस बढ़ाने की योजना बनाई है। सिटी बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव ने कहा है कि बैंक की यह रणनीति वास्तव में मजबूत ग्रोथ और आकर्षक रिटर्न कमाने के तहत बनाई गई है। दुनिया के अमीर इलाकों में कारोबार करने की वजह से सिटी बैंक के वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस से उसे बेहतर तरीके से मुनाफा कमाने में मदद मिल सकती है।

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