वैशाख पूर्णिमा 26 को, जानें इसका महत्व

सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन दान-पुण्य और धर्म-कर्म के अनेक कार्य किए जाते हैं। इस बार वैशाख पूर्णिमा का महत्व और ही अधिक बढ़ जाएगा क्योंकि इस बार इस पूर्णिमा पर साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान किये जाने का प्रावधान है। वैशाख मास धार्मिक दृष्टि से हर महीनों में उत्तम माना गया है। इस मास की पूर्णिमा तिथि को गंगा स्नान, दान- पुण्य और व्रत करने से विशेष लाभ मिलता है। इस पूर्णिमा को सिद्ध विनायक पूर्णिमा और सत्य विनायक पूर्णिमा कहते है। वैशाख पूर्णिमा की तिथि के दिन ही महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इसी पूर्णिमा तिथि को महात्मा बुद्ध को बोधिसत्व की प्राप्ति भी हुई थी और इसी तिथि को उनका महानिर्वाण भी हुआ था।
मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने वैशाख पूर्णिमा का महत्त्व अपने परम मित्र सुदामा को उस समय बताया था जब वे द्वारिका पहुंचे थे। श्री कृष्ण जी के बताने के अनुसार सुदामाजी ने इस दिन व्रत किया था। इससे उनकी दरिद्रता और दुःख दूर हो गए थे। इसके बाद से वैशाख पूर्णिमा का महत्त्व और बढ़ जाता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा.-अर्चना का भी विधान है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो जाती है। इस दिन व्रत करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
पूर्णिमा और अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व बताया गया है लेकिन कोरोना काल में घर से निकलकर नदियों तक जाना संभव न हो तो इस बार घर में ही पानी से भरी बाल्टी में कुछ बूंदे गंगाजल की डालकर उस पानी से स्नान करें। घर के मंदिर को पूरी तरह साफ करें और गंगाजल छिड़कें। देवताओं का आह्वान करें, सभी देवी देवताओं को प्रणाम करें। सबसे पहले भगवान विष्णु की तस्वीर, प्रतिमा पर हल्दी से अभिषेक करें।उन्हें तुलसी अर्पित करें। भगवान विष्णु की हर पूजा में तुलसी को अवश्य शामिल करना चाहिए। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करें, उनकी आरती करें। सात्विक चीजों का भोग लगाएं और खुद व्रत का संकल्प लें।
इस व्रत में चंद्रमा की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व है इसलिए रात को चंद्र उदय होने के बाद चंद्रमा पर जल अर्पित करें और व्रत का पारण करें।
बुद्ध पूर्णिमा तिथि और मुहूर्त : बुद्ध पूर्णिमा तिथि- 26 मई 2021  (बुधवार)। पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 25 मई 2021 को रात 8.29 मिनट से। पूर्णिमा तिथि समाप्त 26 मई 2021 को शाम 4. 43 मिनट तक।

      इस साल का पहला चंद्रगहण 26 मई को लगने जा रहा है। ये उपछाया चंद्रग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण के समय सूतक काल के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं होता है। ये चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका में दिखाई देगा। हालांकि भारत में चंद्र ग्रहण उपछाया के रूप में दिखेगा इसलिए सूतक काल नहीं होगा।

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