लद्दाख में पैंगोंग झील से पीछे हटेंगे चीनी सैनिक : राजनाथ

नई दिल्ली। गुरूवार को संसद में भारत और चीन के बीच तनाव को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया कि महीनों से जारी भारत चीन सीमा तनाव अब खत्म हो गया है। राजनाथ के मुताबिक एलएसी के पास लद्दाख में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध अब समाप्त हो गया है। उन्होंने राज्यसभा में बताया कि भारत-चीन के बीच एलएसी के पास पैंगोंग लेक विवाद पर समझौता हो गया है और अब यहां से दोनों ही देश की सेनाएं अपने सैनिकों को पीछे हटाएंगी। उन्होंने कहा कि सितंबर 2020 से ही भारत और चीन की सेनाओं और राजनैतिक स्तर पर बातचीत हो रही है। पैंगोंग झील से दक्षिण और उत्तर में समझौता हो गया है। दोनों पक्ष अपनी सेनाएं हटाएंगे। जब दोनों सेनाएं पूरी तरह से हट जाएंगी। उसके बाद भी 48 घंटे के अंदर दोनों देशों के बीच एक बैठक होगी। चीन फिंगर 8 पर रहेगा और भारत फिंगर 3 पर। ऐसी ही उत्तरी सीमा पर भी किया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने बताया कि सीमा पर अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोलिंग अभी नहीं होगी। समझौता होने के बाद पेट्रोलिंग फिर से शुरू होगी। कुछ मुद्दे अभी भी बाकी हैं जिन पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि चीन ने पिछले साल एलएसी के आसपास प्रवेश करने का प्रयास किया था हमने कार्रवाई की। गोला बारूद भी पिछले साल इकठ्ठा किया था। चीन लद्दाख के इलाके में अनाधिकृत तरीके से 1962 से कब्जा बना रहा है । पाकिस्तान ने भी चीन को हमारी जमीन दी है। चीन का अनाधिकृत तरीके से 43 हजार वर्ग किलोमीटर कब्जा है। इससे चीन और भारत के संबंधों पर असर पड़ा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हम नियंत्रण रेखा पर शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत ने हमेशा द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षा बलों ने साबित कर दिया है कि वे देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
