आरता पता का मुख्य निर्माण केंद्र है छपरा का अवतारनगर
छठ महापर्व उत्तर भारतीयों के सबसे बड़े त्योहार में से एक है। खासकर बिहार और उत्तरप्रदेश में बड़े स्तर पर इसका आयोजन होता है। छठ पूजा में अलग-अलग तरह के समग्र का उपयोग होता। बिभिन्न सामग्री में आरता के पात का विशेष महत्व होता है। जिसका उपयोग पूजा में किया जाता है।
आरता के पता का मुख्य उत्पादन केंद्र छपरा के अवतारनगर थाना क्षेत्र का झौवा और आसपास माना जाता है। आरता पता यहां का कुटीर उद्योग बन गया है। जिसका निर्माण पूरे वर्ष होता है।लेकिन सरकार द्वारा कोई मदद नही मिलने से लोगो के अंदर उदासी भी है।अकवन के रुई से निर्माण के चलते स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। छ्परा का झौवा गांव जहां छठ पूजा में प्रयोग होने वाला अरता का पात सालों भर बनता है। इस गांव के सभी वर्गों और धर्मो के लोग मिलकर सालों भर अरता का पात बनाते है। छठ पूजा में यहां दूर दराज से व्यवपारी पहुँचते है जो खरीदकर ले जाते है और देश के कोने कोने में सप्लाई करते है। यू कहे तो छपरा का झौवा गाँव को अरता का पात एक उधोग कंद्र माना जाता है। तकरीबन 150 वर्षो से अधिक समय से इस गांव मे यह बनते आ रहा है और यहाँ के ज्यादातर परिवारों के लिये जीविका एव अन्य कार्यो के लिये अरता का पात साधन है।
यह अरता का पात अकवन की रुई से तैयार होता है जो स्वास्थ्य के लिये काफी हानिकारक भी है इस वजह से यहां के कई लोग आंखों की रोशनी और अन्य सांस सम्बन्धी बीमारी से ग्रसित भी हुए लेकिन यह अरता का पात बनाने का यह सिलसिला आज भी इस गाव के लिये रोजगार का साधन है।
