उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही छठ पूजा संपन्न
नई दिल्ली। लोक आस्था का महापर्व छठ आज उदीयमान सूर्य का अर्ध्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। लोक आस्था के इस महापर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने को लेेकर जहां पुलिस व्यवस्था काफी चौकस नजर आयी वहीं आयोजकों के साथ ही इनके कार्यकर्ता भी काफी सक्रिय नजर आए।
कोडली विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार मोनू द्वारा जहां छठ पूजा को लेकर ब्रतियों के लिए होटल रेड फॉक्स से सटे पार्क में विधिवत व्यवसथा करायी गई वहीं इनके साथ सहयोगियों के रूप में कोंडली विधानसभा यूथ विंग के प्रभारी मनमोहन सिंह भानू , अनिता भट्ट, कमलेश, घडौली नगर निगम के वार्ड पार्षद जुगनू चोधरी, भूतपूर्व निगम पार्षद संजय चौधरी के अलावे अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। ब्रतधारियों को अर्ध्य देने में किसी प्रकार का कोई कष्ट न हो इसके लिए जहां विधिवत तालाव का निर्माण कराया गया वहीं साफ-सफाई की व्यवस्था भी काफी मुकम्मल नजर आयी। इसके अलावा समय-समय पर माइक द्वारा संदेेश प्रसारित किया जाता रहा कि किसी ब्रतधारियों को अर्ध्य देने में कोई परेशानी न हो इसके लिए कार्यकर्ता ब्रतधारियों को सहयोग करें। उचित प्रकाश व्यवस्था के साथ ही सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए थे ताकि कोई अप्रिय धटना की शिकायत न हो।
प्रशासन की ओर से जहां दिल्ली पुलिस पूरी मुस्तैदी से हर आने जानेवालों पर निगाह केंद्रित कर रखी थी वहीं सिविल डिफेंस से जुडे लोग भी काफी सक्रिय नजर आयेे। अस्ताचल सूर्य को अर्ध्य सपन्न हो जाने के बाद यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। सुबह उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देने क साथ ही छठ पर्व का समापन हो गया। छठ व्रत के इस सुभअवसर पर आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार मोनू ने छठ ब्रतधारियों को जहां अपनी शुभकामनाएं दीं वहीं पूर्वांचलवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वाचल का यह छठ अब ग्लोेबल हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज पूर्वाचलवासी कहीं पीछे नहीं है। आइएएस की बात की जाए या आईपीएस की सभी जगह आगे हैं। सरकार के तमाम बडे महकमों में भी ये आसीन है, पत्रकारिता जगत की बात भी यदि की जाए तो यहां भी उन्होंने अपना झंडा बुलंद कर रखा है। श्री कुलदीप ने कहा कि आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि सरकारी स्कूल में पढने के बाद भी शिक्षा जगत में ये लगातार आगे बढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठ एक बहुत ही पवित्र त्योहार है और हमारे पूर्वाचलवासी में जो सफाई के प्रति इस पर्व को लेकर प्रतिवद्धता है वह इस बात को साफ जाहिर करता है कि इन्होंने हिंडन नदी कै किनार पडे सभी कुडे कचरे को अपने हाथों से एकजुट होकर सफाई की और इस पवित्र त्योहार को मनायां। उन्होने कहा कि इस बार आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 1100 घाटों पर छठ पूजा के लिए व्यवस्था की गई थी। उन्होने छठब्रतधारियों से आग्रह किया कि वे अपना आर्शिवाद दें ताकि आगे इससे ज्यादा घाट बनाकर छठ पर्व को मनाने में अपना सहयोग दे सकें।
विदित हो कि काचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए` छठ का यह प्रसिद्ध गीत जो कभी पूर्वांचल के अंदर गूंजा करता थाए आज पूरी धरती को गूंजायमान कर रहा है। सूर्य अराधना का लोक महापर्व छठ अब लोकल से ग्लोबल हो चुका है। आज दुनिया का शायद ही कोई हिस्सा हो जहां पूर्वांचली रहते हों और छठ पर्व नहीं मनाते हों। अपनी विशिष्ठ प्रकृति और कड़े नियमों के कारण इस त्योहार ने दूसरी विरादरी के लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है। यहां तक कि हिंदू धर्म के पारंपरिक द्वेषी भी छठ के प्रति आदर का भाव रखते हैं। इसमें शामिल भी होते हैं। इस पर्व के दौरान इंसान- इंसान में कोई फर्क नहीं रह जाता। छठ पूजा को सूर्य पूजा का सबसे बड़ा व्रत मानते हैं। जो लोग पुर्वांचल से अन्य देशों में गए उन्होंने छिटपुट तरीके इसकी शुरुआत की लेकिन धीरे-धीरे यह व्यापक रूप लेता गया। आज यह कनाडा, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और इटली समेत 20 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है।
