छह दिनों की ईडी हिरासत में भेजे गए केजरीवाल
नई दिल्ली। दिल्ली के राउस एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में करीब 3 घंटे की बहस के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल को छह दिनों तक ईडी रिमांड पर भेज दिया है। केजरीवाल को गुरुवार को रात में गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उन्हें दिल्ली के राउस एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया।
राउस एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ईडी ने केजरीवाल को कथित घोटाले में प्रमुख साजिशकर्ता बताया। ईडी ने दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल पिछले साल गिरफ्तार किए गए पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और आम आदमी पार्टी पदाधिकारी विजय नायर सहित अन्य आरोपियों के बीच मध्यस्थ थे। ईडी ने कहा है कि कथित घोटाले से कुल 600 करोड़ रुपये से अधिक कमाए गए हैं। इसमें कथित तौर पर साउथ ग्रुप की ओर से दिए गए 100 करोड़ रुपये शामिल हैं। एजेंसी ने दावा किया है कि इसमें भारत राष्ट्र समिति की नेता के कविता भी शामिल हैं। कविता को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था।
केजरीवाल ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जो इस पद पर रहते हुए गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने ईडी के सभी आरोपों से इनकार किया है। केजरीवाल की पार्टी ने बार-बार दावा किया है कि ईडी ने अभी तक कथित तौर पर अवैध रूप से अर्जित कोई भी नकद राशि बरामद नहीं की है। प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल की रिमांड कॉपी में आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाए हैं। ईडी ने कहा है कि दिल्ली शराब घोटाले के जरिए प्रमुख रूप से आम आदमी पार्टी ने फायदा लिया। हवाला के जरिए 45 करोड़ रुपये गोवा ट्रांसफर किए गए। ईडी ने रिमांड कॉपी में आम आदमी पार्टी को एक कंपनी बताया है। रिमांड कॉपी में यह भी लिखा गया है कि आम आदमी पार्टी ने एक कंपनी की तरह जो बिजनेस किया इसके लिए जिम्मेदारी अरविंद केजरीवाल की है। रिमांड कॉपी में लिखा है कि आम आदमी पार्टी इस घोटाले की रकम से लाभान्वित हुई है। रिमांड नोट में लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति किसी कंपनी के जरिए अपराध करता है तो कंपनी भी अपराध में आरोपी होती है। ईडी ने कहा है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि घोटाला और धोखाधड़ी हुई है। गोवा चुनाव के लिए फंड जुटाने के लिए आबकारी नीति में बदलाव किया गया।
कोर्ट में केजरीवाल की ओर से पेश वकीलों ने रिमांड प्रार्थना पत्र को खारिज करने के लिए आवेदन किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने कहा कि ईडी साबित करे कि आखिर केजरीवाल की गिरफ्तारी की जरूरत क्यों है, वहीं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने सुनवाई के दौरान कहा कि मनीष सिसोदिया ने भी मामले में मुख्य भूमिका निभाई। बुची बाबू के ज़रिए पहले 10 करोड़ और फिर 15 करोड़ रुपये कैश ट्रांसफर किए गए। वहीं केजरीवाल की तरफ से तीन वकीलों के पेश होने पर ईडी की ओर से विरोध जताया गया था।
