फर्जी वीडियो मामले में क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन
जिग्नेश मेवाणी का पीए एवं आप नेता गिरफ्तार
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी के पीए सतीश वंसोला समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। दूसरा शख्स की पहचान आरबी बारिया के तौर पर हुई है जो आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
पीए की गिरफ्तारी पर जिग्नेश मेवाणी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैं किसी भी फेक चीज का समर्थन नहीं करता हूं। आज सोशल मीडिया का युग है। चुनाव के समय कोई प्रचार नहीं कर पाए इसलिए लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी का आईटी सेल फर्जी खबर चलाता है। दरअसल, अमित शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसे एडिट करके शेयर किया गया था। इस कथित फर्जी वीडियो में अमित शाह के बयान को तोड़.मरोड़कर इस तरह पेश किया गया कि वे हर तरह के आरक्षण को समाप्त करने की वकालत कर रहे हों। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स समेत अन्य प्लेटफॉर्म से फर्जी वीडियो के स्रोत के बारे में जानकारी मांगी है। दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी को भी नोटिस भेजा है। हालांकि, रेड्डी ने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब तक चुनाव जीतने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करते रहे हैं और अब वह दिल्ली पुलिस का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
विदित हो कि इससे पहले असम में अमित शाह के फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि असम कांग्रेस के नेता रीतम सिंह को फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। असम सीएम ने बताया कि रीतम सिंह कांग्रेस के वॉर रूम का संयोजक है। इधर अमित शाह ने कहा कि हार के डर से बौखलाई कांग्रेस फर्जी वीडियो से देशवासियों को गुमराह कर रही है। देश में आरक्षण का अधिकार एससीए एसटी और ओबीसी बहनों.भाइयों का है और जब तक भाजपा सरकार है इसे कोई हाथ नहीं लगा सकता। इंडी एलायंस वालों ने इनकी हिस्सेदारी कम करके मुस्लिमों को आरक्षण दिया। मैंने बार-बार यही कहा है कि भाजपा सरकार बनी तो मुस्लिमों का यह आरक्षण समाप्त कर देश के एसी, एसटी और ओबीसी को दिया जाएगा।
