अंतरिम जमानत के विरोध में ईडी ने किया हलफनामा दायर
नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में एक ओर जहां आम आदमी पार्टी का प्रयास है कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल जल्द से जल्द जेल से बाहर आ जाएं वहीं केजरीवाल की मुश्किलें थमने का नाम नही ले रही। अब प्रर्वतन निदेशालय;(ईडी) ने केजरीवाल के अंतरिम जमानत के विरोध में एक हलफनामा दायर किया है। यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की अगिम जमानता याचिका से एक दिन पहले ईडी के उपनिदेशक भानु प्रिया ने दायर किया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर इस हलफनामे में ईउी ने अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि चुनाव के लिए प्रचार करने का अधिकार मौलिक, संबैधानिक, या कानूनी अधिकार नहीं है। ईडी के जनकारी के अनुसार किसी भी राजनेता को चुनाव प्रचार के लिए अतरिम जमानत नहीं दी गई है। भले ही वह चुनाव लडनेवाला उम्मीदवार क्यों न हो। ईउी न यह भी दलील दी है कि अगर किसी भी राजनेता को अंतरिम जमानत दी जाती है तो उसको गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और न ही न्यायिक हिरासत मे रखा जा सकता है। ईडी ने कहा है कि पिछले तीन सालों में लगभग 123 चुनाव हुए है और अगर चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी जाती है तो न तो गिरफ्तारी की जा सकती है और न ही न्यायिक हिरासत मं रखा जा सकता है क्योंकि चुनाव तो पूरे साल होते है। ईडी ने यह भी कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी जाती है तो यह असमानता के दायरे में आएगा और एक गलत परंपरा की शुरूआत हो जाएगी।
