ममता ने आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय और जावेद खान सहित आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह बड़ी कार्रवाई तृणमूल के कालीघाट गुट द्वारा इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के अगले ही दिन की गई है।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इन नेताओं के नोटिस का जवाब आने से पहले ही उन पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी गयी है। पार्टी से निकाले गए नेताओं में फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय, जावेद खान, रथिन घोष, बिप्लव मित्रा, सबीना यास्मिन और स्नेहाशीष चक्रवर्ती के नाम शामिल हैं। सुश्री बनर्जी ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि ये सभी नेता तृणमूल के ही एक बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट से हाथ मिला चुके हैं। ऋतब्रत बनर्जी का यह बागी गुट खुद को ही असली तृणमूल कांग्रेस बता रहा है। इनमें से कई नेता तो पहले ही श्री ऋतब्रत के खेमे में शामिल हो चुके थे और बागी गुट ने उन्हें अपने नए संगठन में बड़े पदों की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
बागी गुट ने सोमवार को बजट के बाद न्यू टाउन के एक होटल में अपनी बैठक की और तृणमूल की एक नयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति का एेलान कर दिया। इस नयी कमेटी ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से और अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया है। बागी गुट ने सुश्री बनर्जी की जगह अब श्री अरूप रॉय को अपना नया अध्यक्ष बनाया हैए जबकि श्री ऋतब्रत बनर्जी और तीन अन्य नेताओं को महासचिव का पद दिया है। श्री हाकिम और श्री विश्वासए जिन्हें हमेशा से सुश्री ममता बनर्जी का सबसे करीबी और भरोसेमंद माना जाता था, उन्हें इस बागी गुट ने उपाध्यक्ष बना दिया है। इसके अलावा सुश्री बनर्जी के पुराने साथी जावेद खान को बागी गुट में महासचिव बनाया गया है। वहीं सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके श्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती भी इस बगावती बैठक में शामिल नजर आए।

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