बनारस रेल इंजन कारखाना ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

जुलाई में बनाए 65 विद्युत रेल इंजन

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने जुलाई में 65 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह किसी भी वित्तीय वर्ष में एक माह में कारखाने द्वारा किया गया अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है।
रेलवे ने शनिवार को बताया कि इस इंजन कारखाने ने जुलाई महीने में भारतीय रेल के लिए 44 डब्ल्यूएजी.9एचसी मालवाहक विद्युत रेल इंजन, 13 डब्ल्यूएपी.7 यात्री विद्युत रेल इंजन तथा आठ अमृत भारत विद्युत रेल इंजन का निर्माण किया। यह उपलब्धि उत्कृष्ट उत्पादन क्षमता, अत्याधुनिक तकनीक तथा कर्मचारियों की समर्पित कार्य संस्कृति का प्रमाण है। इससे पहले इस कारखाने ने मार्च 2025 में 61 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण करने का रिकॉर्ड बनाया था।
रेलवे के अनुसार इस कारखाने ने स्थापना के समय से अब तक कुल 11,445 रेल इंजनों का निर्माण किया है जिनमें 3,109 विद्युत रेल इंजन शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उसकी अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ करती है। रेलवे ने कहा कि मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड की अवधारणा को साकार करते हुए इंजन कारखाने ने अब तक 11 देशों को 182 रेल इंजनों का निर्यात भी किया है। इनमें मोजाम्बिक, म्यांमार, श्रीलंका, सूडान, तंजानिया, बांग्लादेश, माली सेनेगल, अंगोला, वियतनाम और मलेशिया देश शामिल हैं।
बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रत्येक कर्मचारी की मेहनत, समर्पण, टीम भावना तथा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बरेका वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित 468 विद्युत रेल इंजनों के उत्पादन लक्ष्य को भी निर्धारित समय से पहले उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि इंजन कारखाने की यह नई उपलब्धि न केवल बरेका की उत्कृष्ट उत्पादन क्षमता का परिचायक है, बल्कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।

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