लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास
हंगामे के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी
नई दिल्ली। लोकसभा में भारी हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पारित कर दिया गया। लंबी चर्चा के बाद ध्वनि मत से यह बिल पास हो गया। इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। इस बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक भी हुई। स्पीकर ओम बिरला ने एंटी पेपर लीक बिल के पारित होने का ऐलान करने के बाद लोकसभा की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले राहुल गांधी के भाषण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक हुई, राहुल गांधी के कुछ शब्दों पर और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर सत्ता पक्ष ने काफी आपत्ति जताई। इसके बाद मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया कि वह पीएम नहीं बन पाए तो पीएम हाउस पर धरने के लिए बैठ गए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में पूरी जिम्मेदारी और तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि गृहमंत्री के आदेश के बाद छात्रों पर गोली चलाई गई। इस पर जितेंद्र ने साफ किया कि प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चली और गृहमंत्री गोली चलाने का आदेश नहीं देता। गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है, बिना तथ्य के बात मत कीजिए।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पेश करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा करने और सुझाव देने के बजाए विपक्ष राजनीति कर रहा है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष का आचरण बेहद निराशाजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इतने गंभीर और महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष के नेता ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया वह न केवल असंसदीय थी बल्कि इतनी अनुचित थी कि मैं उसे दोहराना भी नहीं चाहूंगा। यदि कोई खुद को शिक्षित और संसदीय परंपराओं से परिचित मानता है तो उसे पता होना चाहिए कि सदन के भीतर ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जा सकता। श्री सिंह ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा देश के युवाओं को मूर्ख कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस देश के युवाओं को जो देश का भविष्य हैं मूर्ख कहना इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है।
