अलका नांगिया बनीं रक्षा लेखा महानियंत्रक

नई दिल्ली। भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) की 1991 बैच की अधिकारी अलका नांगिया अरोड़ा ने शनिवार को रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) का पदभार संभाल लिया।  रक्षा मंत्रालय ने बताया कि गढ़वाल विश्वविद्यालय, देहरादून और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की की पूर्व छात्रा श्रीमती अरोड़ा ने सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इनमें कृषि मंत्रालय के कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डीएआरई) में अपर सचिव व वित्तीय सलाहकार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में संयुक्त सचिव, सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की प्रबंध निदेशक तथा कपड़ा मंत्रालय में हस्तशिल्प के लिए अपर विकास आयुक्त जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। रक्षा वित्तीय प्रबंधन और जनसेवा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली अधिकारी ने हस्तशिल्प संवर्धन, कृषि अनुसंधान, खरीद नीति व सार्वजनिक वित्त से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व किया है। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस  मोहाली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से उन्नत प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
श्रीमती अरोड़ा ने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता स्थित दमदम आयुध फैक्ट्री में रक्षा मंत्रालय के साथ की थी। इसके बाद उन्होंने रक्षा लेखा विभाग (डीएडी) में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और तीनों सशस्त्र बलों के साथ व्यापक अनुभव हासिल किया। उन्होंने मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड में एडमिरल सुपरिटेंडेंट (एएसडी) की वित्तीय सलाहकार (एफए), सेना की पूर्वी कमान की एफए एवं कोलकाता में एरिया अकाउंट्स ऑफिस की प्रमुख, पश्चिमी वायु कमान और सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की एकीकृत वित्तीय सलाहकार तथा वायु सेना मुख्यालय की प्रधान आईएफए के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। श्रीमती अरोड़ा ने रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) मुख्यालय में अतिरिक्त सीजीडीए और विशेष सीजीडीए के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने लेखा.परीक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रणालियों, एकीकृत वित्तीय सलाहकार व्यवस्था और प्रशिक्षण से संबंधित नीतियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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