फंसे हुए छात्रों को निकालने 4 मंत्री यूक्रेन बार्डर जाएंगे

नई दिल्ली। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों  को लाने के मिशन पर मोदी सरकार तेजी से काम कर रही है। सोमवार को पीएम मोदी ने मंत्रियों के साथ एक बैठक की। इसमें तय किया गया कि सरकार छात्रों और फंसे हुए भारतीयों की निकासी के लिए चार मंत्रियों को यूक्रेन के बॉर्डर तक भेजेगी। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, किरेन रिजिजू और जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह निकासी मिशन में कोऑर्डिनेशन और छात्रों की मदद करने के लिए यूक्रेन के बॉर्डर तक जाएंगे। ये मंत्री भारत के विशेष दूत के तौर पर वहां जाएंगे। सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा से छात्रों को निकालने का काम देखेंगे, जबकि रिजिजू स्लोवाकिया जाएंगे। हरदीप पुरी हंगरी और वीके सिंह पोलैंड से छात्रों की निकासी सुनिश्चित करेंगे।
विदित हो कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए गए ऑपरेशन गंगा के तहत अब तक 1156 नागरिकों को स्वदेश लाया गया है। अब तक हरियाणा के 91 छात्र भी सकुशल देश लाए गए हैं। यूक्रेन में फंसे अन्य छात्रों को भी वहां से निकाला जा रहा है। सोमवार को भी बुडापेस्ट (हंगरी) से छठी फ्लाइट ने ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान भरी है, जिसमें 240 भारतीय नागरिकों को दिल्ली वापस लाया जा रहा है। भारत सरकार ने 26 फरवरी से ऑपरेशन गंगा अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत अब तक पांच फ्लाइट से 1156 भारतीय नागरिक यूक्रेन से सकुशल वापस लौट चुके हैं। इस छठी फ्लाइट के दिल्ली पहुंचते ही ये संख्या 1396 हो जाएगी। वहीं, यूक्रेन के पूर्वी भाग में हालात फिलहाल अच्छे नहीं हैं, लिहाजा नई एडवाइजरी जारी की गई है। भारतीयों से कहा गया है कि जो जहां है वहीं रहे, घबराए बिना अपने को सुरक्षित रखना अभी जरूरी है। सरकार हालात पर नजर रखे हुए हैं और लोगों को वहां से लगातार भारत लाने की कोशिशें चल रही हैं। हालात में थोड़ी सी भी बेहतरी होती है तो पूर्वी भाग से भी लोगों को तेज़ी से निकाला जाना संभव होगा।

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