पश्चिम बंगाल मे तेईस हजार शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द
कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश, 4 हफ्तों में वेतन वापस लें
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमिशन के शिक्षक भर्ती घोटाले में हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 23 हजार से अधिक नौकरियों को रद्द करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। साल 2016 में जिन लोगों को नौकरियां मिला थीं, कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं, हाईकोर्ट ने इन लोगों को 4 हफ्तों में वेतन वापस करने का आदेश दिया है।
शिक्षक भर्ती घोटाले पर कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस देवांशु बसाक की बेंच ने यह फैसला सुनाया। जस्टिस देवांग्शु बसाक और जस्टिस शब्बर रशीदी की बेंच ने कहा कि कैंसर पीड़ित सोमा दास की नौकरी सुरक्षित रहेगी। पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करे।
विदित हो कि पश्चिम बंगाल सरकार ने 2014 में ॅडब्ल्यू बी एसएससी के जरिए सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ भर्ती किया था। तब 24, 640 रिक्त पदों के लिए 23 लाख से अधिक लोगों ने भर्ती परीक्षा दी थी। इस भर्ती में 5 से 15 लाख रुपए की घूस लेने तक के आरोप हैं। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में कई शिकायतें मिली थीं। भर्ती में अनियमितताओं के मामले में सीबीआई ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी मॉडल अर्पिता मुखर्जी और स्कूल सर्विस कमिशन के कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। ईडी ने 22 जुलाई, 2022 को पार्थ चटर्जी के ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करीब 21 करोड़ रुपए कैश, 60 लाख की विदेशी करेंसी, 20 फोन और अन्य दस्तावेज मिले। इसके बाद एक और छापेमारी में अर्पिता के घर से 27ण.9 करोड़ रुपए कैश मिला। इसमें 2000 रुपए और 5000 रुपए के नोटों के बंडल थे। इसके अलावा 4.31 करोड़ रुपए का गोल्ड मिला। इसमें 1.1 किलो की 3 सोने की ईंटें, आधा-आधा किलो के 6 सोने के कंगन और अन्य ज्वेलरी शामिल थे।
इधर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे गैरकानूनी बताया है। उन्होंने कहा कि हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जिनकी नौकरी गई। इस फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
