काबुल एयरपोर्ट से उड़ानें जल्द शुरू होने के आसार
नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत के बीच काबुल एयरपोर्ट से उड़ानें जल्द शुरू होने की उम्मीद है। कतर से आई एक टेक्निकल टीम आतंकी हमले से एयरपोर्ट पर हुए नुकसान का जायजा ले रही है।
बता दें कि 31 अगस्त को अमेरिकी सेना के काबुल एयरपोर्ट से कब्जा छोड़ने के बाद वहां से उड़ानों का संचालन बंद है। अमेरिका समेत दूसरे देश काबुल एयरपोर्ट से सेना के विमानों से अपने-अपने लोगों को एयरलिफ्ट कर रहे थे, लेकिन 31 अगस्त से काबुल एयरपोर्ट तालिबान के कब्जे में है और अब एयरपोर्ट को फिर से शुरू करने से पहले तकनीकी खामियां दूर की जा रही हैं।
उधर अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट भले ही तालिबान को सौंप दिया है, लेकिन वह अफगानिस्तान में फंसे अपने नागरिकों और अफगानियों को निकालने का सिलसिला जारी रखेगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की अंडर सेक्रेटरी विक्टोरिया नुलैंड ने कहा है कि जो लोग अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं उन्हें निकालने के लिए हवाई और सड़क मार्ग समेत सभी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने जानकारी दी है कि 31 अगस्त की रात तक 24 हजार अफगानियों समेत 31,107 लोग अफगानिस्तान से अमेरिका पहुंच चुके हैं।
इधर तालिबान के पॉलिटिकल ऑफिस के डिप्टी हेड शेर मोहम्मद अब्बास स्तानेकजई ने कतर में तुर्की के राजदूत मुस्तफा गोकसू से मुलाकात की है। इस मुकाकात के बाद तालिबान ने कहा है कि तुर्की ने अफगानिस्तान के साथ संबंध बरकरार रखने और सहयोग करने का भरोसा दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने पंजशीर में लड़ रहे तालिबान और नॉर्दन अलायंस से अपील की है कि इंसानियत की खातिर जंग रोक दें। संयुक्त राष्ट्र के ह्यूमेनिटेरियन को-ऑर्डिनेटर अलाकबारोव ने कहा है कि पंजशीर के हालात की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ दिनों में ये उपलब्ध हो जाएगी।
