जापान के पूर्व पीएम शिंजो की गोली मारकर हत्या
टोक्यो। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की शुक्रवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। आबे नारा शहर में एक इलेक्शन कैंपेन के दौरान स्पीच दे रहे थे। 42 साल के हमलावर ने उन पर पीछे से फायरिंग की। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी का नाम यामागामी तेत्सुया है और वो आबे की नीतियों से नाखुश था।
2 गोलियां लगने के फौरन बाद आबे गिर पड़े। उन्हें हेलिकॉप्टर से नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। 6 घंटे तक मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान आबे को दिल का दौरा भी पड़ा। घटना भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजे ;जापान के समय के मुताबिक सुबह (11.30) की है। हमलावर यामागामी तेत्सुया को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से गन बरामद हुई है। ये किसी टीवी कैमरे की तरह नजर आती है। जापानी मीडिया के मुताबिक हमलावर ने हैंडमेड गन का इस्तेमाल किया। वो मेरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स का मेंबर था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
67 साल के शिंजो लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं। 2006 से 07 के दौरान प्रधानमंत्री रहे। इसके बादए 2012 से 2020 तक 8 साल तक प्रधानमंत्री रहे। उनके नाम सबसे लंबे समय (9 साल) तक पीएम पद पर रहने का रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड उनके चाचा इसाकु सैतो के नाम था। आबे को एक आक्रामक नेता माना जाता है। शिंजो को आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस थीए इसकी वजह से उन्हें 2007 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आबे के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मोदी ने एक ट्वीट में कहा. भारत और जापान के रिश्तों और ग्लोबल पार्टनरशिप में आबे की अहम भूमिका रही। आज पूरे भारत में शोक है। इस मुश्किल वक्त में हम पूरी ताकत के साथ अपने जापानी भाई.बहनों के साथ खड़े हैं।
विदित हो कि मोदी के साथ आबे के अच्छे संबंध रहे। उनकी गुजरात और बनारस यात्रा काफी चर्चित रही। 25 जनवरी 2021 को भारत ने आबे को पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। शिंजो की हत्या की खबर सुन वाराणसी के लोग भी सदमे में हैं। बड़ी संख्या में काशीवासी मर्माहत हैं। लोगों उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सारनाथ स्थित जापानी मंदिर पर मौन सलामी दी गई। प्रधानमंत्री रहते हुए जब शिंजो आबे भारत आए थे तो पीएम मोदी उन्हें 12 दिसंबर 2015 को वाराणसी दर्शन को लेकर आए। दोनों प्रधानमंत्रियों ने दशाश्वमेध घाट पर गंगाजल हाथ में लेकर विश्व की मंगलकामना का संकल्प लिया था। बनारस में हुए अभूतपूर्व स्वागत से शिंजो गदगद थे और देर तक खड़े रहकर लोगों का अभिवादन किया था। यही नहीं मोदी और शिंजो ने नदेसर पैलेस में अपने क्षेत्र के महारथी 68 खास लोगों से मुलाकात कर भविष्य की योजना का खाका भी खींचा था।
