पीएम मोदी को मिला भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

थिम्पू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को भूटान पहुंचे। इस दौरान भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से पीएम मोदी को ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। मैं इस महान भूमि में सभी भारतीयों की ओर से इस सम्मान को स्वीकार करता हूं। भूटान और दिए गए सम्मान का दिल से धन्यवाद करता हूं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और भूटान एक साझा विरासत का हिस्सा हैं। भारत भगवान बुद्ध का जन्मस्थान है। यह वह स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने निर्वाण प्राप्त किया था, जबकि भूटान वह स्थान है जिसने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाया और संरक्षित किया। इसने वज्रयान बौद्ध धर्म की परंपरा को जीवित रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम सहयोग करते हैं और एक.दूसरे की सफलताओं का जश्न मनाते हैं। जब भारत का मिशन चंद्रयान सफल हुआए तो भूटान के लोग भी उतने ही खुश थे जितने भारत के लोग थे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के युवाओं की आकांक्षाएं और लक्ष्य एक जैसे है। भारत ने 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य रखा है जबकि भूटान ने 2034 तक उच्च आय वाला देश बनने का लक्ष्य रखा है। भूटान के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत हर कदम पर आपके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के बीच संबंध प्राचीन है लेकिन आधुनिकता के दौरे में दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों पर हैं। जब मैं पहली बार 2014 में प्रधानमंत्री बना तो मेरी पहली विदेश यात्रा के रूप में भूटान जाना मेरे लिए स्वाभाविक था। भूटान दौरे पर पीएम मोदी और उनके भूटानी समकक्ष शेरिंग टोबगे की मौजूदगी पर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री टोबगे को धन्यवाद दिया। इस दौरान ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल संपर्क, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही दोनों देशों के बीच रेल संपर्क संबंधी समझौते को भी अंतिम रूप दिया गया है।

 

 

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