दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंची
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता गुरुवार को शाम चार बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 426 की गंभीर श्रेणी में पहुच गया वहीं दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी प्रक्षेत्र के अन्य हिस्से धुंध की मोटी चादर में लिपटे रहे और दृश्यता कम रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के कुछ इलाकों में एक्यूआई का स्तर और भी ज़्यादा दर्ज किया गया। आनंद विहार स्टेशन पर एक्यूआई 459 , बवाना में 455 , सोनिया विहार में 428 , पंजाबी बाग में 460 और रोहिणी में 453 दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली और एनसीआर में 17 नवंबर तक रात और सुबह के समय धुंध और घना कोहरा छाए रहने की संभावना जतायी है।
इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया कि वायनाड जहा हवा स्वच्छ है और एक्यूआई 35 है से दिल्ली वापस आना एक गैस चैंबर में प्रवेश करने जैसा था। धुंध की चादर और भी ज़्यादा चौंकाने वाली लगती है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली का प्रदूषण हर साल बदतर होता जा रहा है। हमें वाकई मिलकर स्वच्छ हवा के लिए कोई उपाय निकालना चाहिए। यह पार्टी या पार्टी से परे है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्याओं वाले लोगों के लिए सांस लेना व्यावहारिक रूप से असंभव है। हमें बस इसके बारे में कुछ करना होगा।
उधर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने यहां कहा कि सर्दियों के मौसम में दिल्ली में पहली बार प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया है। इसे देखते हुए आज ग्रीन वॉर रूम में पर्यावरण वैज्ञानिको के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक के बाद सभी सम्बंधित विभागों को ग्रेप.2 से संबंधित दिशा-निर्देश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों ने पिछले दो दिनों की जो रिपोर्ट रखी है उसके अनुसार पिछले दो दिनों में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोत्तरी का मुख्य दो कारण हैं। पहला पहाड़ों पर हिमपात होने के कारण दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और जिसकी वजह से पूरे उत्तर भारत में सुबह और शाम को धुंध की स्थिति बनी हुई है। दूसरा हवा की जो गति है उसमें कमी आई है। इन दो वजहों से प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।
उन्होंने कहा कि हवा की जो गति है उसमें सुधार होने का अनुमान है जिससे प्रदूषण के स्तर में कमी होने का अनुमान है। अभी दिल्ली में ग्रेप.2 लागू है और उसके तहत जो. प्रतिंबंध लागू है उसको सख्ती से लागू की जाएगी और आज इस सन्दर्भ में सभी विभागों को पुन: निर्देश दिया गया हैं। ग्रेप.2 से संबंधित जो भी निर्णय और निर्देश जारी किए गए थे। सरकार सभी परिस्थितियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। हमारी कोशिश है कि ग्रेप.2 के जो प्रतिंबंध है उनको कड़ाई से पालन करवाकर दिल्ली के प्रदूषण को रोकने में सफल हों जिससे कि दिल्ली में ग्रेप.3 लागू करने की नौबत ही न आए। यदि आने वाले दिनों में मौसम की प्रतिकूलता के कारण जो प्रदूषण में बढ़ोत्तरी होती है और दिल्ली का प्रदूषण ख़तरनाक श्रेणी में जाता है तो हमारी सरकार दिल्ली के लोगों की सांसों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।
