बिहार विधानसभा में शराब पर संग्राम

पटना। शनिवार सुबह से ही भू एवं राजस्व मंत्री रामसूरत राय से इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष ने पहले तो सदन में फिर विधानमंडल परिसर में जबरदस्त हंगामा किया। मामला अभी गरम ही था कि दूसरी पाली में स्वास्थ्य विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अचानक फिर से शराबबंदी और मंत्री रामसूरत पर बात शुरू की। इस पर टोकाटोकी शुरू हो गई। उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने गुस्से में तेजस्वी यादव को मुद्दे पर बात करने को कहा। इसपर तेजस्वी ने उप मुख्यमंत्री की तरफ देखकर कह दिया कि नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक होता है। मगर उप मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक नहीं होता है। इसपर सत्तारूढ दल के विधायक भड़क गए।
भाजपा नेता व मंत्री संजय सरावगी और जनक सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। जिसके बाद आज सदन में पहले दिन पहंचे तेजस्वी के बड़े भाई व विधायक तेज प्रताप यादव सत्तारूढ़ दलों के नेता की ओर अंगुली दिखाकर कुछ ऐसी नागवार बात कह दी जिससे दोनों तरह के विधायक आमने.सामने आ गए। आपस में गाली-गलौज करते हुए भिड़ गए। तेजस्वी भी बोलते जा रहे थे। उन्होंने कह दिया कि मेरे मुंह खोलते ही सत्तारूढ कांपने लगता है। देखते-ही-देखते मिनटों में और बवाल मच गया। बात इतनी बढ़ी कि मार्शल ने विधायकों को अलग किया।
विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कार्यवाही 3.30 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगन के बाद भी सदन में विपक्षी दल नारेबाजी करते रहे। अध्यक्ष ने सख्त और गंभीर लहजे में कहा जो आज विधान सभा में हुआ वो नहीं होना चाहिए । विधान सभा की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। कार्यवाही में इस तरह की चीजें बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि फिर कभी इस तरह की नौबत आई तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष मर्यादा का ख्याल रखें। आज जो हुआ सदन उससे लज्जित हुआ है।
