माघ मेले के अंतिम स्नान पर्व पर आस्था का सैलाब

लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी शिवालयों में गूंजे जयकारे

प्रयागराज। इस बार की शिवरात्रि कुछ खास होने के कारण संगम पर माघ मेले के अंतिम स्नान पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने संगम पर स्नान कर भागवान भोलेनाथ के दर्शन पूजन किए। महाशिवरात्रि कालसर्प योग में मनाई जा रही है। इस मौके पर संगम नगरी के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा‌।
यमुना के तट पर स्थित प्राचीन और पौराणिक मनकामेश्वर मंदिर में भी मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं का तांता लगा नजर आया। प्रयागराज के यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर के महंत स्वामी धरानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक महाशिवरात्रि भगवान भोले शंकर और माता पार्वती के विवाह का दिन है। उनके मुताबिक मनकामेश्वर महादेव मंदिर सतयुग से यहां विद्यमान है। त्रेता युग में भगवान श्री राम ने वन जाते हुए माता जानकी के साथ यहां पर पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया था। ऐसी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा और आस्था से देवों के देव महादेव को जल अर्पण करते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए रात्रि के चार पहर में महा रुद्राभिषेक होते हैं। सायं आरती के बाद चार पहर मंदिर में महा अभिषेक किया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भंडारे का भी इंतजाम किया गया है। स्वामी धरानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक आज के दिन सच्चे मन से जो भी श्रद्धालु भगवान भोले शंकर को जो वस्तु उन्हें प्रिय हैं बेलपत्र,धतूरा, गंगा जल अर्पित करेगा उसकी मनोकामनाएं निश्चित तौर पर पूरी होंगी।

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