आकाश आनद मामले पर भिड़े अखिलेश.मायावती
लखनऊ । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आकाश आनंद को नेशनल कोआर्डिनेटर पद से हटाने व उत्तराधिकारी के बनाने के निर्णय को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती को निशाने पर लिया। अखिलेश यादव ने कहा कि बसपा ने अपने संगठन में बड़े बदलाव के जो भी कदम उठाये है वो उनकी पार्टी का आंतरिक विषय है। दरअसल, इसके पीछे असली कारण ये है कि बसपा की एक भी सीट आती हुई नहीं दिख रही है क्योंकि बसपा के अधिकांश परंपरागत समर्थक भी इस बार संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन को ही वोट दे रहे हैं।
इधर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने बुधवार को एक्स पर एक के बाद एक तीन पोस्ट किए। उन्होंने कहा कि बीएसपी संगठन में क्या कुछ चल रहा है इस पर घोर दलित.विरोधी सपा अगर कोई टिप्पणी और चिन्ता नहीं करे तो बेहतर है। इसके बदले सपा नेतृत्व को चुनाव में उतारे गए उनके अपने परिवार और उनके यादव समाज के प्रत्याशियों का क्या हाल है इसकी केवल चिन्ता करें क्योंकि उन सब का हाल बेहाल है। मायावती ने कहा कि सपा का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा की तरह आज भी दलित, अति-पिछड़ा व संविधान में इनको दिए गए आरक्षण आदि के अधिकारों की विरोधी पार्टी का है। प्रमोशन में आरक्षण को खत्म करना और इस संबंध में बिल को संसद में फाड़ना आदि इनके ऐसे कार्य हैं जिसे माफ करना मुश्किल। साथ ही बीएसपी सरकार द्वारा बहुजन समाज में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में उनके नाम पर यूपी में बनाए गए जिलों, पार्कों, विश्वविद्यालयों आदि के नाम को जातिवादी सोच के कारण बदलना सपा सरकार के ऐसे कृत्य हैं जो इतिहास में काले कारनामे के रूप में दर्ज हैं।
