पीएम ने तीन स्वदेश निर्मित जहाज राष्ट्र को किये समर्पित
कोलकाता। प्रधानमंत्री ने यहां के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के लिए स्वदेश निर्मित तीन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम बंगाल को भारत की समुद्री और रक्षा निर्माण महत्वाकांक्षाओं के एक प्रमुख चालक के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि यह राज्य भारत के पुनरुत्थान में सबसे आगे रहा है।
श्री मोदी ने हुगली नदी का संदर्भ देते हुए कहा कि इस नदी ने इतिहास को बनते देखा है। उद्योग, प्रतिभा और शिल्प कौशल के क्षेत्र में राज्य की ताकत समुद्री आर्थिक विकास के एक नये चरण को गति दे सकती है। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों, उद्योग और समुद्री बुनियादी ढांचे के मामले में राज्य की ताकत ने इसे भारत की तटीय और ब्लू इकॉनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) की महत्वाकांक्षाओं में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया है। यह समुद्री निर्माणए रसद और तटीय विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने खुद को दुनिया के सबसे बड़े रक्षा आयातकों में से एक से बदलकर अब उन्नत हथियार प्रणालियों के डिजाइन और निर्माण में सक्षम देश के रूप में स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि पहले भारत रक्षा आयात पर बहुत अधिक निर्भर था और इस निर्भरता के कारण हमें रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। सत्ता में आने के बाद हमने रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुधार शुरू किये। आज भारत आधुनिक हथियार प्रणालियों का डिजाइन और निर्माण कर सकता है। श्री मोदी ने इस क्षेत्र में विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि रक्षा उत्पादन जो 2014 में लगभग 40,000 करोड़ रुपये था, अब बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा निर्यात में भी भारी बढ़ोतरी हुई है जो पहले लगभग 700 करोड़ रुपये था वह अब बढ़कर लगभग 40,000 करोड़ रुपये हो गया है जिसके तहत भारत 80 से अधिक देशों को हथियार और रक्षा उपकरण आपूर्ति कर रहा है।
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया कि इन तीन नौसैनिक जहाजों, आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्रियों के साथ किया गया है।ये तीनों जहाज अलग-अलग समुद्री भूमिकाएं निभाते हैं। आईएनएस दूनागिरी पांचवां प्रोजेक्ट 17ए स्टील्थ फ्रिगेट है और यह सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल तथा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली सहित उन्नत हथियारों से लैस है। आईएनएस संशोधक चौथा बड़ा सर्वेक्षण पोत है। इसे तटीय और गहरे पानी के सर्वेक्षणों के लिए तथा रक्षा और नागरिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भू.भौतिकीय डेटा एकत्र करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये तीनों जहाज अलग-अलग समुद्री भूमिकाएं निभाते हैं। श्री मोदी के नेतृत्व में आयोजित एक औपचारिक समारोह में इन जहाजों को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, राज्यपाल आर.एन. रवि और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन भी उपस्थित थे।
