पूर्वांचल के 13 सीटों के परिणाम पर रहेगी सबकी नजर
भदोही। पूर्वांचल की 111 विधानसभा सीटों में से 13 ऐसी हैं जिन पर मतगणना के दिन यानी 10 मार्च को सबकी नजर रहेगी। पूर्वांचल के साथ ही प्रदेश भर के लोग यह जानना चाहेंगे कि इन 13 सीटों पर किसने अपने जीत का परचम फहराया।
5 बार से लगातार सांसद रहे मुख्यमंत्री योगी इस बार गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी हैं। वहीं, गोरखपुर की चिल्लूपार विधानसभा में भाजपा का आज तक खाता नहीं खुला है। चिल्लूपार से राजनीतिक दिग्गज और बाहुबली हरिशंकर तिवारी के पुत्र विधायक विनय शंकर तिवारी सपा से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इन दोनों सीट के नतीजों पर लखनऊ तक के लोगों की निगाह होगी। इसी तरह आजमगढ़ जिले की आजमगढ़ विधानसभा से दुर्गा प्रसाद यादव 8 बार से विधायक हैं। इस बार भी वह समाजवादी पार्टी से चुनाव मैदान में हैं। आजमगढ़ से लेकर पूरे पूर्वांचल के लोगों की जुबान पर इन दिनों एक ही बात है कि क्या दुर्गा नौवीं बार विधानसभा चुनाव जीतेंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी 8 बार विधायक रह चुके हैं। इस बार भी वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर बलिया की बांसडीह विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं। पूर्वांचल के बड़े नेताओं में से एक रामगोविंद चौधरी की विधानसभा सीट पर भी सभी की निगाह है।बलिया की बैरिया विधानसभा से विधायक और भाजपा से बागी हुए सुरेंद्र सिंह इस बार विकासशील इंसान पार्टी से नामांकन किए हैं। अपने बागी तेवर के लिए चर्चित रहने वाले सुरेंद्र सिंह के चुनाव पर भी सबकी निगाह है। लोग यह जानना चाहेंगे कि भाजपा के बगैर सुरेंद्र सिंह अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बचा पाने में सक्षम होते हैं या नहीं।
मऊ जिले की मऊ सदर विधानसभा से 1996 से 2017 तक बाहुबली मुख्तार अंसारी लगातार 5 बार विधायक चुने गए। इस बार मऊ सदर विधानसभा से उनका बेटा अब्बास अंसारी चुनाव मैदान में है। 10 मार्च को लोग यह जानना चाहेंगे कि बाहुबली की राजनीतिक विरासत उनका बेटा बचा पाया या नही। इसी तरह से गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा से मुख्तार के बड़े भाई सिबकतुल्लाह अंसारी का बेटा सुहैब उर्फ मुन्नू अंसारी चुनाव मैदान में है। सुहैब की सीट पर भी लोगों की निगाहें हैं। इसी तरह आगरा जेल में बंद बाहुबली विधायक विजय मिश्रा भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, लखनऊ में अजीत सिंह हत्याकांड से साल भर से सुर्खियों में रहे बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह जौनपुर जिले की मल्हनी विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। विजय मिश्रा और धनंजय सिंह के चुनाव परिणाम पर भी प्रदेश के लोगों की नजर रहेगी।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पुत्र डॉण् अरविंद राजभर वाराणसी की शिवपुर विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा पर लगातार हमलावर रहने वाले ओम प्रकाश राजभर और उनके बेटे अरविंद के चुनाव परिणाम पर भी सभी की निगाह रहेगी। वाराणसी की पिंडरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय 5 बार विधायक रहे। उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव 2017 में हारा। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने दो बार प्रतिद्वंद्वी रहे अजय राय के चुनाव परिणाम पर सबकी निगाह रहेगी। वहींए सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा से विजय सिंह गौड़ 7 बार विधायक रहे हैं। पिछला चुनाव वह हार गए थे। इस बार सोनांचल से लेकर लखनऊ तक के लोग इस इंतजार में रहेंगे कि इन्होंने विजय पताका फहराया नहीं।
