प. बंगाल : पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास गिरफ्तार
कृष्णनगर। पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास को गरीबों में बांटे जाने वाले सरकारी राहत कोष की सामग्री को अपने आवास पर कथित तौर पर अवैध रूप से जमा करके रखने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
इससे पहले, दोपहर में एक हिंसक भीड़ ने बिस्वास के नदिया जिला स्थित आवास पर धावा बोल दिया। भीड़ ने उन पर राहत सामग्री जमाखोरी का आरोप लगाते हुए उनके साथ हाथापाई की, उन्हें धक्का दिया और उन पर अंडे फेंके। यह हमला तब हुआ जब बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके घर के बाहर एकत्र हो गए। आरोप था कि आपदा राहत और कल्याण वितरण के लिए आपूर्ति की गई तिरपाल की चादरें, फटे-पुराने कपड़े और साड़ियां वितरित किए बिना वर्षों से उनके घर में रखी हुई थीं। प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में जबरन घुसने से स्थिति तेजी से बिगड़ गई।
घर के भीतर घुसी भीड़ ने बिस्वास के कार्यालय कक्ष में उनका घेराव किया, जहां जोरदार बहस शारीरिक टकराव में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन पर अंडे फेंके गए, उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस हंगामे के दौरान उनके आवास और कार्यालय कक्ष के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी की गई। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि यह राहत सामग्री वर्ष 2017 से जमा करके रखी गई थी। उन्होंने इसमें बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी सरकारी आपूर्ति को निजी परिसरों के बजाय आधिकारिक गोदामों में रखा जाना चाहिए।
बिस्वास ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह सामग्री हाल ही में सरकार से प्राप्त हुई थी और उन्होंने इस स्टॉक को आधिकारिक हिरासत में वापस करने की अपनी मंशा के बारे में ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) को पहले ही सूचित कर दिया था। परिसर के भीतर सफेद साड़ियों के बंडल मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों का विरोध और तेज हो गया था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस हिंसा के दौरान बिस्वास को बचाने का प्रयास करने वाली एक महिला के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया जबकि बीच-बचाव करने की कोशिश करने वाले कम से कम तीन अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की गई। तनाव बढ़ने के कारण पुलिस को शुरुआत में भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शिल्पी पॉल केंद्रीय बलों के साथ मौके पर पहुंचीं और पूर्व मंत्री को सुरक्षित निकालकर थाने ले गईं।
