कोपेनहेगन दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर

लंदन। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर है। इसने पिछले वर्षों में शीर्ष पर रहे टोक्योए सिंगापुर और ओसाका को पीछे छोड़कर ये गौरव हासिल किया है। दूसरे नंबर पर कनाडा का टोरंटो और तीसरे पर सिंगापुर है। इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) ने सेफ सिटीज इंडेक्स.2021 के तहत दुनिया के 60 सबसे सुरक्षित शहरों की सूची जारी की है।
शीर्ष 50 शहरों में दिल्ली 48वें और मुंबई 50वें स्थान पर है। पिछले इंडेक्स में दिल्ली को 52वां और मुंबई को 45वां स्थान मिला था। इंडेक्स के लिए दुनियाभर के शहरों का व्यापक अध्ययन करवाया गया था। ईआईयू ने 76 मापदंड रखे थे ताकि वैश्विक शहरी सुरक्षा की स्पष्ट तस्वीर मिल सके। इनमें डिजिटल, हेल्थ, इन्फ्रास्ट्रक्चर, व्यक्तिगत और पर्यावरण सुरक्षा शामिल थे। इन पांचों मापदंडों में सभी शहरों को 100 में से अलग-अलग स्कोर दिया गया है। कोरोना के मद्देनजर पहली बार इस साल पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को शामिल किया गया था।
शहरी सुरक्षा के अध्ययन के लिए तय मानकों में नेट उपलब्धता और ट्री कवर भी शामिल थे। शहर की कितनी फीसदी आबादी को इंटरनेट की सुविधा है, साइबर सुरक्षा के लिए स्मार्ट सिटी प्लान के संबंध में भी जानकारी ली गई। सेहत की स्थिति जांचने के लिए शहर में 1000 लोगों पर डॉक्टरों की मौजूदगी का पता लगाया गया। इंफ्रा सुरक्षा के लिए आपदा प्रबंधन व इमरजेंसी सिस्टम को जरूरी माना। व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए सामाजिक सहायता पर खर्च को आधार माना। पर्यावरण सुरक्षा के लिए शहर में कुल ट्री कवर (पेड़ों की संख्या) और पीएम 2.5 कणों की मौजूदगी को अहम माना गया।
टॉप 10 शहरों में एशिया के सिर्फ तीन शहर हैं। 2017 और 2019 में अव्वल रहा टोक्यो इस बार पांचवें स्थान पर रहा। ताजा इंडेक्स में कोपेनहेगन को 82.4 अंक, वहीं दिल्ली को 56.1 और मुंबई को 54.4 अंक मिले। डिजिटल सुरक्षा के मामले में सिडनी बेहतर तो सेहत में टोक्यो आगे रहा है। इंफ्रा सुरक्षा में हांगकांग का प्रदर्शन अच्छा रहा है। व्यक्तिगत सुरक्षा में कोपेनहेगन श्रेष्ठ रहा, वहीं पर्यावरण सुरक्षा में वेलिंग्टन ने सबको पीछे छोड़ दिया है। सेफ सिटीज इंडेक्स प्रोजेक्ट की डायरेक्टर प्रतिमा सिंह ने बताया कि पर्यावरण को लेकर कोपेनहेगन और टोरंटो ने भी जबर्दस्त काम किया है।

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