ओडिशा-बंगाल में चक्रवात यास का तांडव

नई दिल्ली। अति गंभीर चक्रवात का रूप धारण कर चुके यास चक्रवात ओडिशा के तट से टकरा गया जिसके 2.3 घंटों तक चलने का अनुमान है। इसकी वजह से कई इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश हुई है। कई स्थानो पर पेड़ों के उखड़ने के समाचार मिले हैं। यास की वजह से पश्चिम बंगाल में तट के कई किमी दूर तक दूकानों और घरों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने बंगाल व ओडिशा के लिए रेड अलर्ट (भारी बारिश की आशंका) जारी किया है। वहीं चक्रवात से खतरे को देखते हुए बंगाल और ओडिशा में 12 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और अंडमान निकोबार द्वीप में भी बचाव के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात यास ने बुधवार सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे के बीच बालासोर से लगभग 20 किमी दक्षिण में उत्तर ओडिशा तट को पार किया। इस दौरान हवा की गति 130-140 किमी प्रति घंटे से 155 किमी प्रति घंटे रही। इसके बाद यह उत्तर.पश्चिम की ओर बढ़ गया। इसके अगले 3 घंटों के दौरान धीरे-धीरे गंभीर चक्रवाती तूफान और बाद के 6 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान में कमजोर होने की संभावना व्यक्त की गई है। पूर्वी रेलवे के जीएम मनोज जोशी ने कहा कि चक्रवात को देखते हुए हमने चौबीसों घंटे समर्पित नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। ओवरहेड वायरिंग फेल होने की स्थिति में हमने अपने डीजल इंजनों को भी तैनात किया है।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि गुरूवार सुबह यास चक्रवात झारखंड पहुंचेगा तब इसके हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। ओडिशा के अंदर के जिलों में भी हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी। तूफान बालेश्वर के दक्षिण में ओडिशा तट को पार कर रहा है। अभी इसके हवा की गति 130-140 किलोमीटर प्रति घंटे है। इसके बाद ये कमजोर होकर उत्तर पश्चिम दिशा में गति करेगा।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से मिली जानकारी के अनुसार चक्रवात यास का तांडव से कई इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश हो रही है। यास की वजह से पश्चिम बंगाल में तट के कई किमी दूर तक दूकानों और घरों में पानी भर गया है। इतना ही नहीं कई जगहों पर पेड़ भी उखड़ गए हैं। चक्रवात यास के मद्देनजर तेज हवाओं के कारण हुगली के बंदेल क्षेत्र में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा में चक्रवात यास से पहले बारिश के बाद सड़कों पर काफी पानी भर गया है।लोग अपने सामान को अस्थायी स्टालों से सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करते नजर आए।
चक्रवाती यास को लेकर हालांकि पहले से ही लोग सतर्क हो गए थे और लोगों ने अपने घरों से निकलना मुनासिव नहीं समझा जिसकारण जान माल की क्षति की खबर नहीं है पर इतना जरूर है कि इस चक्रवात के तांडव से कई निम्न इलाकों में जहां पानी भर गया वहीं कई झोपडियों के भी उखडने की खबर है।

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