युवा शक्ति ही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत : राष्ट्रपति
लखनऊ। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का चार दिवसीय यूपी दौरा 26 अगस्त यानी गुरुवार से शुरू हुआ। अपने दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पदक विजेता छात्र-छात्राओं की सराहना की और अध्यापकों, अभिभावकों व विश्वविद्यालय की टीम के अन्य सदस्यों को बधाई और साधुवाद दिया। समारोह में राज्यपाल आऩंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस समारोह में पदक विजेताओं में बेटियों की संख्या अधिक है। इस परिवर्तन को एक स्वस्थ समाज और उन्नत राष्ट्र की दिशा में बढ़ते हुए कदम के रूप में देखा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में बहुत ही अच्छा स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम है। एक आंकलन के अनुसारए देश में लगभग 100 यूनिकॉर्न यानि ऐसे स्टार्ट-अप हैं जिनमें से प्रत्येक का मूल्यांकन एक बिलियन डॉलर से अधिक है। अधिकांश यूनिकॉर्न्स युवाओं द्वारा स्थापित हैं। यह युवा शक्ति ही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा बाबासाहेब कठोर परिश्रम और स्व.रोजगार के पक्षधर थे। उनकी आर्थिक सोच निजी उद्यम को प्रोत्साहित करने की थी। आज यदि बाबासाहेब होते तो उन्हें यह देखकर बहुत प्रसन्नता होती कि भारत के हजारों उद्यमी युवा स्व.रोजगार के प्रति उत्साहित हैं और बहुत से लोगों को रोजगार दे रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि दिसंबर, 2017 में मुझे आपके विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का अवसर मिला था। यह एकमात्र विश्वविद्यालय है जहां किसी समारोह में मैं दूसरी बार आया हूं। आपका यह विश्वविद्यालय बाबासाहेब के विचारों के अनुरूप शिक्षा के माध्यम से अनुसूचित जातियों और जनजातियों के समावेशी विकास हेतु विशेष योगदान दे रहा है। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय समतामूलक समाज के बाबासाहेब के स्वप्न को पूरा करने की दिशा में सराहनीय योगदान दे रहा है। राष्ट्रपति कोविंद ने आगे कहा कि बाबासाहेब को संत कबीर का एक कथन बहुत प्रिय थार: कबीर कहे, कुछ उद्दम कीजे, आप खाय औरन को दीजे। इस पंक्ति के माध्यम से बाबासाहेब ने उद्यमशीलता, आत्म.निर्भरता और स्वयं के उत्थान के साथ-साथ समाज के कल्याण की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।
