नीति सही हो, नीयत साफ हो तो नियति भी बदलती है : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के धेमाजी में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं देश को समर्पित की और कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। पीएम ने असम को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के एनर्जी और एजुकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का नया उपहार दिया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट में भरपूर सामर्थ्य होने के बावजूद पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया। यहां कि कनेक्टिविटी, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, उद्योग पहले की सरकार की प्राथमिकता में नहीं थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकरा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक देश में राज किया उन्होंने दिसपुर को दिल्ली से दूर मान लिया। इस सोच की वजह से असम का बहुत नुकसान हुआ लेकिन अब दिल्ली दूर नहीं है। दिल्ली आपके दरवाजे पर खड़ी है। पीएम ने कहा असम के युवाओं में अद्भुत क्षमता है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जी जान से जुटी है। असम सरकार के प्रयासों के कारण ही आज यहां 20 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हो चुके हैं। असम सरकार यहां नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश कर रही है। इस नई शिक्षा नीति का लाभ असम को, यहां के जनजातीय समाज को, चाय बागान में काम करने वाले श्रमिक भाई.बहनों को सबसे ज्यादा होने वाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति सही हो, नीयत साफ हो तो नियति भी बदलती है। आज देश में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार हो रहा है, देश के हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा रहा है, हर घर जल पहुंचाने के लिए पाइप लगाया जा रहा है, वो भारत मां की नई भाग्य रेखाएं हैं। इन सारे प्रोजेक्ट्स से असम और नॉर्थ ईस्ट में लोगों का जीवन आसान होगा और नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जब किसी व्यक्ति को उसकी मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं तो उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। बढ़ता हुआ ये आत्मविश्वास क्षेत्र का भी और देश का भी विकास करता है। असम दौरे के तहत प्रधानमंत्री ने इंजीनियरिंग कॉलेजों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद इंडियन ऑयल की बोंगाईगांव रिफाइनरी की एक इकाई, डिब्रूगढ़ के मधुबन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सेकंडरी टैंक फार्म और तिनसुकिया के हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन किया और सुआलकुची इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखी।
