जिंदगी की जंग हार गई स्वर कोकिला शारदा सिन्हा

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई राजनेताओं ने जताया शोक

नई दिल्ली। बिहार की स्वर कोकिला कही जाने वाली शारदा सिन्हा मंगलवार को जिंदगी की जंग हार गई और इस दुनिया को अलविदा कह गई। वह करीब 72 वर्ष की थी। छठ गीतों से मशहूर हुईं शारदा सिन्हा ने मंगलवार (5 नवंबर) को रात 9. 20 पर दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। छठ महापर्व के पहले दिन वो दुनिया छोड़ गईं। 21 अक्तूबर को दिल्ली के एम्स में उन्हें भर्ती किया गया था। साल 2018 में पद्म भूषण से सम्मानित हुई थीं।
प्रसिद्ध लोक गायिका के बेटे अंशुमन सिन्हा ने सोशल मीडिया पर अपनी मां के निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने अपनी मां के सोशल मीडिया ण्क्स पर लिखा कि आप सब की प्रार्थना और प्यार हमेशा मां के साथ रहेंगे। मां को छठी मईया ने अपने पास बुला लिया है। मां अब शारीरिक रूप में हम सब के बीच नहीं रहीं।
विदित हो कि शारदा सिन्हा की तबीयत सोमवार (4 नवंबर) शाम को अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। इस दौरान उनके बेटे ने लोगों से प्रार्थना जारी रखने की अपील की थी, साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि उनकी मां बहुत बड़ी लड़ाई में जा चुकी हैं। गायिका शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमन सिन्हा से मंगलवार (5 नवंबर)  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बात की थी। अंशुमन सिन्हा ने बताया था कि उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया था, उन्होंने मां का हालचाल जाना।
छठ गीतों से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के आम लोगों के दिलों पर राज करने वाली लोकगायिका के निधन से उनके चाहने वाले लाखों लोगों को सदमा लगा है। पद्म भूषण से सम्मानित 72 वर्षीय शारदा सिन्हा मैथिली और भोजपुरी गानों के लिए मशहूर थीं। उनके चर्चित गानों में विवाह गीत और छठ गीत शामिल हैं। शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के सुपौल जिले में हुआ था। उन्होंने 1980 में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन से अपने करियर की शुरुआत की थी। वो जल्द ही अपनी सुरीली आवाज और भावनात्मक प्रस्तुति के लिए मशहूर हो गईं और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और वो हर किसी के दिल में बस गईं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शारदा सिन्हा के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि बिहार कोकिला के रूप में प्रसिद्ध गायिका डॉक्टर शारदा सिन्हा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। बिहारी लोक गीतों को मैथिली और भोजपुरी में अपनी मधुर आवाज़ देकर शारदा सिन्हा जी ने संगीत जगत में अपार लोकप्रियता पायी। आज छठ पूजा के दिन उनके मधुर गीत देश-विदेश में भक्ति का अलौकिक वातावरण बना रहे होंगे। उन्हें वर्ष 2018 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। उनका सुमधुर गायन अमर रहेगा। मैं उनके परिवारजन एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक.संवेदना व्यक्त करती हूं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  प्रख्यात लोक गायिका शारदा के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!।
आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सहित राजद परिवार के नेताओं ने लोक गायिका पद्मश्री, पद्म विभूषण से सम्मानित और छठ गीत से अलग पहचान बनाने वाली शारदा सिन्हा के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की और कहा कि इनके निधन से बिहार और लोक गायिका के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। निकट भविष्य में इनकी भरपाई संभव नहीं। बिहार के लिए ये शोक का विषय है। आरजेडी राजद परिवार उनके प्रति भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित करता है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने शारदा सिन्हा के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि बिहार कोकिला पद्म श्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित शारदा सिन्हा जी का निधन दुःखद। वे मशहूर लोक गायिका थीं। उन्होंने मैथिली,  बज्जिका,  भोजपुरी के अलावा हिन्दी गीत भी गाये थे। उन्होंने कई हिन्दी फिल्मों में भी अपनी मधुर आवाज दी थी। स्व. शारदा सिन्हा जी के छठ महापर्व पर सुरीली आवाज में गाए मधुर गाने बिहार और उत्तर प्रदेश समेत देश के सभी भागों में गूंजा करते हैं। उनके निधन से संगीत के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना है।

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