देश के युवा वैश्विक भलाई के लिए भी एक शक्ति : मोदी

21वीं सदी में भारत और विश्व का विकास तय करेंगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 21वीं सदी में देश के युवा देश और विश्व का विकास तय करेंगे। दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में वार्षिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय युवा न केवल भारत के विकास में योगदान दे रहे हैं बल्कि वैश्विक भलाई के लिए भी एक शक्ति हैं।
मोदी ने कहा कि भारतीय युवाओं ने 1.5 लाख स्टार्ट.अप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न बनाए हैं, 200 से अधिक प्रमुख वैश्विक कंपनियों का नेतृत्व भारतीय मूल के लोग कर रहे हैं जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में खरबों रुपये का योगदान दे रहे हैं और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में भारत के युवाओं की प्रतिभा और शक्ति के बिना विश्व के भविष्य की कल्पना करना मुश्किल है और यही कारण है कि वह उन्हें श्वैश्विक भलाई के लिए शक्तिश् के रूप में संदर्भित करते हैं।
यह कहते हुए कि 21वीं सदी में विश्व तेजी से बदल रही है और इस बदलाव के साथ तालमेल स्थापित करना आवश्यक है, मोदी ने इस बदलाव में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। मुद्रा योजना की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शुरुआत में 10 लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाता था और सरकार के तीसरे कार्यकाल में यह सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 10 वर्षों में मुद्रा योजना के अंतर्गत 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया गया है जिससे लाखों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिली है। एनसीसी दिवस पर लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए चुना जाना अपने आप में एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का गणतंत्र दिवस विशेष था क्योंकि भारत ने एक गणतंत्र के रूप में 75 वर्ष पूरे किए। मोदी ने कहा कि गणतंत्र के 75 वर्षों मेंए संविधान ने लोकतंत्र को प्रेरित किया है और नागरिक कर्तव्यों के महत्व पर बल दिया है।उन्होंने कहा कि इसी तरह एनसीसी ने भारत के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में प्रेरित किया है और उन्हें अनुशासन का महत्व सिखाया है। उन्होंने कहा कि एनसीसी को सीमावर्ती क्षेत्रों और तटीय जिलों तक बढ़ा दिया गया है जिसमें 170 से अधिक सीमावर्ती तालुका और लगभग 100 तटीय तालुका अब एनसीसी की उपस्थिति है।

 

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