हंगामे के कारण चौथे दिन भी संसद की कार्यवाही प्रभावित

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को चौथे दिन कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही शुरू होते ही बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस सहित कई विपक्षी सांसद वेल में आकर पोस्टर लहराने लगे। इससे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नाराज हो गए और उन्होंने कांग्रेस सांसदों से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ये आपके संस्कार नहीं हैं। सांसदों का व्यवहार संसद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। आप देश की इतनी पुरानी राजनीतिक पार्टी के सदस्य हैं जिनका इस सदन के अंदर मर्यादा और गरिमा का इतिहास रहा है लेकिन, आप सदन में नारेबाजी करते हैं, तख्तियां लेकर आते हैं और मेजें ठोकते हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हम अगर इस तरह का व्यवहार करेंगे, उसका देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में क्या संदेश जाएगा। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का नाम लेकर कहा कि आप लोगों को जनता ने चुनकर भेजा है, अपनी आकांक्षाओं को साझा करने की जिम्मेदारी दी है। तख्तियां लेकर आने और नारेबाजी से सदन नहीं चलेगा। ओम बिरला ने कांग्रेस सांसदों को सलाह देते हुए कहा कि नई पीढ़ी आपको देख रही है, वो इससे क्या सीख लेगी। नियमों के तहत सदन में चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।    उधर हंगामे के कारण राज्यसभा में भी विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किए जाने के मुद्दे पर जमकर हंग्रामा काटा। हंगामे के कारण बैठक लगातार चौथे दिन भी बाधित रही। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजकर पंद्रह मिनट पर कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के हंगामे के कारण आज भी प्रश्नकाल नहीं चल पाया। शून्यकाल में आज छह सदस्यों को विदाई दी गयी जिनका कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। इन सदस्यों में एम मोहम्मद अब्दुल्ला (द्रमुक),  एन चंद्रशेखरन (अन्नाद्रमुक), अन्बुमणि रामदास (पीएमके), एम षणमुगम (द्रमुक) और एम वाइको (एमडीएमके) शामिल हैं। अन्नाद्रमुक सदस्य पी विल्सन का कार्यकाल भी समाप्त हुआ है लेकिन वह उच्च सदन के लिए पुन:निर्वाचित हो गए हैं।

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