हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार में भारत के खिलाफ अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले के खिलाफ गुरुवार को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए हुए कहा कि भारत देश के किसानों,  पशुपालकों और मछुआरों जैसे कमजोर वर्ग के लोगों के हितों के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा और वह स्वयं इसके लिए बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
श्री मोदी प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक भारत रत्न स्वर्गीय डॉ एम एएस स्वामिनाथन के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में राजधानी में कृषि विज्ञान पर एक अंतराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने कहा कि हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों के,  पशुपालकों के और मछुआरे भाई-बहनों के हितों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेगा। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि और मैं जानता हूं व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामिनाथन ने हमें सिखाया था कि खेती सिर्फ फसल की नहीं होती,  खेती लोगों की जिंदगी होती है। हमें विज्ञान और समाज को एक धागे में जोड़ना है,  छोटे किसान के हितों को सर्वोपरि रखना है और खेतों में काम करने वाली महिलाओं को सशक्त करना है। श्री मोदी ने खाद्यान्न को जीवन तथा विश्व शांति का आधार बताया। उन्होंने भारतीय कृषि वैज्ञानिकों से पोषण सुरक्षा के लिए काम करने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में हर संभव योगदान करने का आह्वान किया। श्री मोदी ने कहा कि वैज्ञानिकों को अब देश की पोषण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से कृषि के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों और आनाज उत्पादन बढ़ाने के साथ धरती की रक्षा के उपायों पर विशेष ध्यान देना है। हमें बायो.फोर्टिफाइड और न्यूट्रीशन से भरपूर फसलों को व्यापक स्तर पर बढ़ाना होगा ताकि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो। रसायनों का उपयोग कम हो, नैचुरल फार्मिंग (प्राकृतिक खेती) को बढ़ावा मिले  इसके लिए हमें अधिक तत्परता दिखानी होगी।
श्री मोदी ने कहा कि हमें जलवायु परिवर्तन से प्रभावित न होने वाली फसलों की ज्यादा से ज्यादा किस्मों को विकसित करना होगा। सूखा और ऊष्णाता में भी फलने फूलने में समर्थ और में भी तैयार हो सकने वाली फसलों पर ध्यान देना होगा। फसल चक्र कैसे बदला जाए, किस मिट्टी के लिए क्या उपयुक्त है उस पर अधिक अनुसंधान होने चाहिए। इसके साथ ही हमें सस्ते मृदा परीक्षण उपायों और भू ऊर्वरता प्रबंधन के तरीके उसको भी विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों की ताकत को देश की प्रगति का आधार माना है। इसलिए बीते वर्षों में जो नीतियां बनीं उनमें सिर्फ मदद नहीं थी, किसानों में भरोसा बढ़ाने का प्रयास भी था। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि से छोटे किसानों को आत्मबल दिया है। पीएम फसल बीमा योजना ने किसानों को सुरक्षा दी है। पीएम कृषि सिंचाई योजना से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ।

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