महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बीजेपी का परचम

ठाकरे बंधुओं की डूबी लुटिया, कांग्रेस फायदे मे

मुंबई। महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव 2025 में महायुति (बीजेपी, शिंदे शिवसेना और अजित पवार एनसीपी) ने विपक्षी महाविकास अघाड़ी का पूरी तरह से सूपड़ा साफ कर दिया है। कुल 288 नगर निकायों में से महायुति ने 215 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी 129 सीटें जीतकर निर्विवाद रूप से प्रदेश की नंबर-1 पार्टी बनी है। यह जीत न केवल जमीनी पकड़ को दर्शाती है बल्कि आने वाले आगामी महानगरपालिका चुनावों के लिए महायुति के पक्ष में एक मजबूत लहर का संकेत है।
विदर्भ क्षेत्र की 100 सीटों के अंतिम नतीजों ने कांग्रेस और शरद पवार गुट को गहरे संकट में डाल दिया है। यहां बीजेपी ने 58 सीटों पर जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है। महायुति ने इस क्षेत्र में कुल 73 सीटें जीती हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टी का यहां खाता भी नहीं खुल सका । कांग्रेस महज 23 सीटों पर सिमट का रह गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि विदर्भ अब पूरी तरह बीजेपी का अभेद्य किला बन चुका है। मराठवाड़ा की 52 सीटों में से महायुति ने 39 सीटों पर विजय पताका फहराई है जिसमें बीजेपी को 25 और शिंदे गुट को 8 सीटें मिली हैं। वहीं उत्तर महाराष्ट्र की 49 सीटों में से गठबंधन ने 36 पर कब्जा किया। यहां एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 11 सीटें जीतकर साबित कर दिया कि असली शिवसेना के मुद्दे पर जनता उनके साथ है। विपक्षी एमवीए यहां केवल 13 सीटों पर सिमट कर रह गई जो उनके लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है। शरद पवार का गढ़ माने जाने वाले पश्चिम महाराष्ट्र में महायुति ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 60 में से 45 सीटें अपने नाम की हैं। बीजेपी ने 19 और शिंदे गुट ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि अजित पवार की एनसीपी ने 12 सीटें जीतकर अपने चाचा के प्रभाव को कड़ी चुनौती दी है। शरद पवार की पार्टी यहाँ मात्र 3 सीटों पर सिमट गई। यह परिणाम बताते हैं कि अब पश्चिम महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र बदल रहा है और विकास की राजनीति को प्राथमिकता मिल रही है।
कोंकण क्षेत्र में महायुति ने 27 में से 20 सीटों पर बड़ी जीत हासिल की है। यहां एकनाथ शिंदे की शिवसेना (10 सीटें) और बीजेपी (9 सीटें) ने मिलकर उद्धव ठाकरे के प्रभाव को लगभग समाप्त कर दिया है। कांग्रेस को यहां शून्य पर संतोष करना पड़ा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों की जीत बताया है। इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र की जनता ने विपक्षी गठबंधन के श्नैरेटिवश् को पूरी तरह नकार दिया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति की ऐतिहासिक जीत पर महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा और महायुति को अभूतपूर्व समर्थन दिया है। फडणवीस ने गर्व से बताया कि 75% नगर परिषद अध्यक्ष महायुति के चुने गए हैं जिसमें अकेले भाजपा के 129 अध्यक्ष शामिल हैं। उन्होंने पार्षदों की जीत को एक मील का पत्थर बताया। फडणवीस ने सहयोगी दल एकनाथ शिंदे और अजित पवार को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत 2017 से भी बड़ी है और महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले 35 वर्षों में ऐसी सफलता नहीं देखी गई।

 

 

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