गोवा के तट से टकराया चक्रवाती तूफान टाक्टे

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान टाक्टे गोवा तट से टकरा गया है और इसका असर पणजी में देखा गया है। चक्रवाती तूफान के और जोर पकड़ने की आशंका के मद्देनजर गुजरात को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उधर कर्नाटक में हुई तेज बारिश की वजह से 4 लोगों की मौत हुई है। राज्‍य में कुल 73 गांव इससे प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश व पेड़ गिरने से गोवा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस प्रकार अब तक साइक्लोन टाक्टे के कारण 5 लोगों की जान गई है। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात टाक्टे बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है और वह गुजरात तट की ओर बढ़ रहा है। आईएमडी ने कहा कि उसने गुजरात तथा दमन एवं दीव के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
रविवार सुबह ये तूफान गोवा के समुद्री तट से टकरा गया। यहां समुद्र में ऊंची लहरें उठती नजर आयी। गोवा के तट पर तेज हवाओं के साथ-साथ मूसलाधार बारिश भी होने लगी। यहां कई पेड़ भी सड़क पर गिर गए। चक्रवात टाक्टे के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपनी टीमों की संख्या 53 से बढ़ाकर 100 कर दी है।टाक्टे को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी है। एक तरफ जहां कर्नाटक में साइक्लोन के बीच तेज बारिश की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई और राज्‍य में कुल 73 गांव चक्रवाती तूफान से प्रभावित हुए हैं। वहीं महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग और रत्नागिरि जिलों के साथ गोवा ज्यादातर बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित रहा। तूफान टाक्टे के कारण दक्षिणी राजस्थान के जोधपुर, उदयपुर, अजमेर व कोटा संभाग के जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इस चक्रवाती तूफान के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को तटवर्ती राज्यों के पार्टी नेताओं से बात की और कहा कि पार्टी के सदस्य लोगों की हरसंभव मदद करेंगे।
कर्नाटक से लेकर गुजरात तक चक्रवात के कहर के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने  रविवार दोपहर महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई प्रदेशों के अधिकारियों और मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है। गृहमंत्री अमित शाह ने वर्चुअल बैठक में सभी राज्यों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। इसके अलावा यह भी बताया है कि एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को भी जरूरत पड़ने पर भेजा जा सकता है। टाक्टे साइक्लोन पर अमित शाह ने बैठक के दौरान कहा है कि कोरोना मरीजों को समस्या ना आने दी जाए। तूफान से अगर बिजली सप्लाई पर असर पड़ता है तो अस्पताल बैकअप प्लान तैयार रखें। वहीं पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे कार्यरत रखने का निर्देश दिया। उन्होंने जामनगर से होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति पर कम से कम प्रभाव पड़ना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने समय रहते बचाव व राहत अभियान में स्थानीय लोगों को शामिल करने के बारे में भी बात की।

 

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