टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन बना रिकॉर्ड

पीएम मोदी ने कहा- वेल डन इंडिया

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ केंद्र सरकार की नई टीकाकरण नीति सोमवार से अंतराष्ट्रीय योग दिवस के मौके से प्रभावी हो गई है। इस नई नीति के तहत केंद्र सरकार देश में वैक्सीन का उत्पादन करने वाली कंपनियों से उनके उत्पाद का 75 फीसद हिस्सा खरीदेगी और उसे राज्यों के निशुल्क देगी। कुछ दिनों पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण नीति में बड़े बदलाव का एलान किया था। नई नीति के तहत टीकाकरण के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि आज संशोधित दिशा-निर्देश लागू होने के पहले दिन टीकाकरण के लिए रात आठ बजे तक कोरोना टीके की 80 लाख से अधिक लोगों खुराक दी गईं जो अपने आप में रिकॉर्ड है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि आज की रिकॉर्ड तोड़ टीकाकरण की संख्या प्रसन्न करने वाली है। कोविड से लड़ने के लिए वैक्सीन हमारा सबसे मजबूत हथियार बना हुआ है। उन सभी को बधाई जिन्होंने टीका लगवाया और सभी अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को बधाई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इतने सारे नागरिकों को टीका मिल सके। वेल डन इंडिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसारए राज्यों के पास अभी तीन करोड़ से अधिक डोज उपलब्ध हैं और आगे उनके प्रदर्शन के हिसाब से टीके की सप्लाई की जाएगी। केंद्र ने राज्यों से वैक्सीन की सप्लाई की चिंता छोड़कर अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाने और पर्याप्त कोल्ड चेन की व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा है। एक मई से शुरू हुए टीकाकरण के चौथे चरण में केंद्र सरकार 50 फीसद वैक्सीन खरीदती थी। 25 फीसद राज्य सरकारें और 25 फीसद निजी क्षेत्र के अस्पतालों का कोटा तय किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने सात जून को 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को मुफ्त टीका लगाने का एलान किया था। इसके तहत अब राज्य सरकारों के कोटे की 25 फीसद वैक्सीन भी केंद्र खरीदेगा और उन्हें राज्यों को देगा। राज्यों का काम सिर्फ टीके लगाने और उस पर निगरानी रखने को होगा।
सरकार ने इस साल के अंत तक 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। इस वर्ग की आबादी लगभग 90.95 करोड़ के बीच है। इसके हिसाब से 180-190 करोड़ डोज लगाने की जरूरत पड़ेगी। रविवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक 27.62 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं।
वर्तमान समय में रोजाना औसतन 30 लाख टीके लगाए जा रहे हैं। इस तरह जून तक कुल 30 करोड़ डोज लगा दी जाएंगी। उसके बाद सरकार के पास छह महीने यानी 180 दिन बचेंगे। इसमें 150-160 करोड़ डोज लगानी होगी। इस तरह प्रतिदिन औसतन 80- 90 लाख डोज लगाने की जरूरत होगी। सरकार की कोशिश जुलाई के अंत तक प्रतिदिन एक करोड़ डोज लगाने की है।

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