वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू की
नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने आखिरकार मोदी सरकार की सबसे बहुचर्चित योजना वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम को दिल्ली में भी लागू कर ही दिया।
पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से इस योजना को लागू करने को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार में रार चल रही थी। अब दिल्ली सरकार एनएफएसए 2013 और पीएमजीकेएवाई के तहत जुलाई 2021 के लिए पीडीएस कार्डधारकों को मुफ्त राशन वितरित करने के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब दिल्ली सहित देश के दूसरे राज्यों के लोग जो दिल्ली में रह रहे हैं वह भी राशन ले सकते हैं। सभी लाभार्थियों को राशन दुकानों पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर ई.पीओएस के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से नि:शुल्क राशन मिलेगा। राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के तहत राशन कार्ड वाले लाभार्थियों और जिनकी पहचान उनके मूल राज्य में एनएफएसए के तहत की गई है उन्हें भी इस योजना के तहत मुफ्त राशन मिलेगा।
दिल्ली सरकार की तरफ से सभी राशन दुकानों को ये निर्देश दिए गए हैं कि वे अनिवार्य रूप से दुकान के बाहर एक बोर्ड लगाएं जिसमे लाभार्थियों की पात्रता का विवरण सहित सभी प्रकार की आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित हों। इसके अलावा सभी जोनल सहायक आयुक्तों, सर्कल खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और फ़ूड सिक्योरिटी इंस्पेक्टर्स को निर्देश दिया गया है कि वे वन नेशन वन कार्ड पॉलिसी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ई.पीओएस के माध्यम से सभी एफपीएस पर राशन का वितरण सुनिश्चित करें ।
दिल्ली में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली तहत ए पीआर और पीआरएस श्रेणी में एनएफएस लाभार्थियों को हर महीने 5 किलो खाद्यान्न प्रदान किया जाता है , जिसमें 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल शामिल हैं। वहीं एएवाई श्रेणी के तहत नियमित पात्रता प्रति परिवार 25 किलोग्राम गेहूं, 10 किलोग्राम चावल और 1 किलोग्राम चीनी है। आम दिनों में योजना के तहत गेहूं 2 रुपये प्रति किलो, चावल 3 रुपये प्रति किलो और चीनी 13.50 रुपये प्रति किलो की दर से लाभार्थियों को दिया जाता है, लेकिन दिल्ली सरकार ने लोगों की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए एनएफएस लाभार्थियों एएवाई लाभार्थियों सहित को मुफ्त में राशन देने का फैसला किया है। इसके अलावा प्रत्येक पीडीएस लाभार्थी ;पीआरए पीआरएस और एएवाई, पीएमजीकेएवाई के तहत जुलाई 2021 के लिए 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल सहित प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न का हकदार है।
