इसबार टीएमसी की हार तय : मोदी

पुरुलिया की चुनावी रैली में ममता सरकार पर जमकर साधा निशाना

 

पुरुलिया। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को अपनी चुनावी रैली का शंखनाद कर दिया। पीएम मोदी ने इस दौरान पुरुलिया में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान बंगाल के सियासी घमासान में पीएम मोदी ने ममता बनर्जी के आरोपों पर जबाव दिया। पीएम मोदी ने ममता सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा है कि बंगाल में ममता सरकार की हार तय है, सरकार के गिनती के दिन बचे हैं।

उन्होंने कहा कि यहां की सरकार सिर्फ अपने खेल में लगी है। इन लोगों ने पुरुलिया को दिया-जल संकट। इन लोगों ने पुरुलिया को दिया- पलायन। इन लोगों ने पुरुलिया के गरीबों को दिया- भेदभाव भरा शासन। इन लोगों ने पुरुलिया की पहचान बनाई है देश के सबसे पिछड़े क्षेत्र के रूप में। पीएम मोदी ने पूछा कि दीदी, साल.-दर-सालए आप एक पुल भी नहीं बना पाए हैं और अब आप उद्योग और विकास की बात कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मां, माटी, मानुष की बात करने वाली दीदी को अगर दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, वनवासियों के प्रति ममता होती तो वो ऐसा नहीं करतीं। यहां तो दीदी की निर्मम सरकार ने माओवादियों की एक नई नस्ल बना दी है जो टीएमसी के माध्यम से गरीबों का पैसा लूटती है।

पीएम ने कहा कि इस बार बंगाल के चुनाव में सिंडिकेट वालों की पराजय होगी। इस बार बंगालके चुनाव में कट मनी वालों की पराजय होगी। इस बार बंगाल के चुनाव में तोलाबाजों की पराजय होगी। पीएम मोदी ने कहा कि अभी कल रात ही 24 उत्तर परगना में दर्जन से ज्यादा जगहों पर बमबाजी हुई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। ये स्थिति ठीक नहीं है। ये बदले की हिंसा, ये अत्याचार, ये माफियाराज और नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि मैं बंगाल के लोगों को विश्वास दिलाता हूं, हर भाजपा कार्यकर्ता को विश्वास दिलाता हूं कि 2 मई को बीजेपी की सरकार बनने के बादए हर अत्याचारी पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। बीजेपी की सरकार में कानून का राज फिर से स्थापित किया जाएगा।हम सब को मिलकर गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों के सपनों के सोनार बांग्ला का फिर से निर्माण करना है। पीएम मोदी ने कहा कि 2 मई के बाद जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का गठन होगा, हम ऐसी सुविधाओं का निर्माण करेंगे जो अवसरों की तलाश में लोगों को राज्य छोड़ने से रोकेंगी। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े इलाकों के हमारे युवा भी रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें इसके लिए कौशल विकास पर और ज्यादा फोकस किया जाएगा। यहां के छात्र, कलाकारों, यहां के हस्तशिल्पियों को कमाई और मान-सम्मान से जुड़ी दूसरी सुविधाएं मिले ये सुनिश्चित किया जाएगा।

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