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धर्म और आस्था

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अमावस्या पर करें ये खास उपाय, पितृ होंगे प्रसन्न

वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष आश्विन माह की अमावस्या तिथि को पितृ अमावस्या के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह दिन पितरों को विदा करने का होता है। इस साल पितृ अमावस्या 21 सितंबर को है। पटना के पंडित सुबोध मिश्रा बताते हैं कि अमावस्या पर…
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पिंडदान के लिए गया का स्थान सर्वोपरि क्यों ?

पं. विजेंद्र मिश्र देशभर में श्राद्ध कर्म और पिंडदान के लिए 55 स्थानों को महत्वपूर्ण माना गया है,  जिसमें बिहार के गया का स्थान सर्वोपरि माना गया है। गया में श्राद्ध कर्म,  तर्पण विधि और पिंडदान करने के बाद कुछ भी शेष नहीं रह जाता है और…
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अनंत चतुर्दशी एवं अनंतसूत्र की महिमा

पं. बिजेंद्र मिश्र भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी कहा जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु की जहां लोग आराधना और पूजन काते हैं वहीं दूसरी ओर प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने का विधान है। अनंत यानी…
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गायत्री मंत्र और इसकी महिमा

प्राय: लोग गायत्री मंत्र का जाप कर लेते हैं। किसी भी पूजा पाठ में जब हम आसन शुद्वि आादि कर लेते हैं तो गाय़त्री मंत्र का जाप पंडितो द्वारा कराया जाता है। पर क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर ये गायत्री मंत्र है क्या। आखिर पंडित जी ऐसा क्यों…
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बच्चों में जगा रहे वैदिक ज्ञान की अलख

नई दिल्ली। वैदिक ज्ञान  भारतीय संस्कृति का वह विशाल और समग्र ज्ञान है जो वेदों,  उपनिषदों,  रामायण,  महाभारत और पुराणों जैसे धार्मिक ग्रंथों में समाहित है। यह मानव जीवन के आध्यात्मिक,  मानसिक और शारीरिक पहलुओं को समझने तथा जीवन को संतुलित व…
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पितृ-पक्ष में क्यों किया जाता है तर्पण

हिंदू धर्म में पितृ-पक्ष का बहुत ही खास महत्व है। ऐसा माना जाता है कि पितृ-पक्ष के समय में पूर्वज 15 दिनों के लिए धरती पर आते हैं और अपने परिवार पर अपनी कृपा बरसाते हैं। पितृ-पक्ष के दौरान पितरों की पूजा और श्राद्ध कर्म करने से परिवार को…
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जानें कब से होगी पितृ-पक्ष 2025 की शुरूआत

पितृ-पक्ष हिंदू धर्म की एक खास अवधि है जिसमें पूर्वजों की आत्माएं पृथ्वी लोक पर आकर अपने वंशों पर कृपा बरसाती हैं। इस दौरान घरों में भी उनकी आत्मशांति के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में पिंडदान,  पाठ, …
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हरियाली तीज का चंद्रमा से है संबंध

भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक हरियाली तीज का व्रत इस साल 27 जुलाई को रखा जाएगा। पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए मां पार्वती और शिव जी की…
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कांवड़ को कंधे पर उठाने की क्या है मान्यता 

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र महीना है। यह महीना हिन्दू कैलेंडर का पांचवा महीना होता है और इसे श्रावण मास भी कहा जाता है। सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा.अर्चना की जाती है। व्रत रखे जाते हैं और रुद्राभिषेक किया जाता…
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माघी स्नान के साथ ही कल्पवासियों का कल्पवास समाप्त

प्रयागराज। अमृत से सिंचित और पितामह ब्रह्मदेव के यज्ञ से पवित्र पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अन्त: सलिला स्वरूप में प्रवाहित सरस्वती के संगम में माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ ही एक माह का संयम, अहिंसा, श्रद्धा एवं कायाशोधन का कल्पवास…
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