महाराष्ट्र में लेटर बम पर सियासी संग्राम जारी
राष्ट्रपति से मिले रामदास अठावले, पेसिडेंट रूल लगाने की मां

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में लेटर बम के बाद जारी सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बीच केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के मुखिया रामदास अठावले ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर अपनी पार्टी की ओर से एक ज्ञापन सौंपा और महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय समाजिक न्याय राज्यमंत्री ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है और उनसे महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का अनुरोध किया हैं। उन्होंने मेरी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है। अठावले ने कहा एक पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने उद्योगपति मुकेश अंबानीद् के आवास के पास विस्फोटक रखा जबकि गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को महीने में 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया। राज्य में यह गंभीर स्थिति है। अठावले ने कहा कि देशमुख के खिलाफ जांच होनी चाहिए क्योंकि वह इस समय संदेह के दायरे में हैं।
विदित हो कि राष्ट्रपति से मुलाकात से एक दिन पहले बुधवार को अठावले ने ट्वीट करके महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी। उन्होंने ट्वीट किया था महाराष्ट्र की जनता का विश्वास राज्य सरकार से लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे से उठ गया है। इस वजह से रिपब्लिकन पार्टी लेटर लिखकर मांग करती है कि राज्य सरकार को हटाकर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर को लेटर भी भेजा गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे आठ पृष्ठों के लेटर में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि देशमुख अपने सरकारी आवास पर पुलिस अधिकारियों को बुलाते थे और उन्हें बार, रेस्तरां और अन्य स्थानों से उगाही करने का लक्ष्य देते थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि देशमुख ने हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का टारगेट दिया था। हालांकि, देशमुख ने सिंह के आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया है और इसे आईपीएस अधिकारी द्वारा खुद को जांच से बचाने का प्रयास करार दिया है।
