कोरोना की रफ्तार को रोकने में जुटी मोदी सरकार


नई दिल्ली। देश में लगातार बढ रहें कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बीच सरकार महामारी को थामने के लिए चौतरफा तैयारी में जुट गई है। ऑक्सीजन की उपलब्धता और अबाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं। टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। साथ ही एंटी वायरल इंजेक्शन रेमडेसिविर की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए भी हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
सभी राज्यों खासकर कोरोना महामारी से गंभीर रूप से प्रभावित 12 राज्यों के बीच ऑक्सीजन की बिना रुकावट आपूर्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से विभिन्न राज्यों से ऑक्सीजन की मांगए सप्लाई चेन, उत्पादन क्षमता और उपलब्धता बढ़ाने की कोशिशों के बारे में विस्तृत ब्योरा पेश किया गया।
प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने ऑक्सीजन की उत्पादन क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने और आपूर्ति में आने वाली हर तरह की बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद गृहसचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर ऑक्सीजन को कोरोना काल में अतिआवश्यक वस्तु बताते हुए इसकी आवाजाही पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाने की हिदायत दी है।  सभी प्रमुख विदेशी वैक्सीन के लिए भारत के दरवाजे खोल दिए गए हैं। इसके अलावा स्वदेशी वैक्सीन उत्पादक कंपनी भारत बायोटेक को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार 65 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दे रही है। उत्पादन बढ़ाने के लिए दो.तीन स्थानीय कंपनियों को साथ जोड़ रही है।  कोरोना के इलाज में अहम एंटी वायरल इंजेक्शन रेमडेसिविर की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी हर कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए देश के विभिन्न भागों में अस्थायी अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं। मौजूदा अस्पतालों में भी बेड बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री के निर्देश पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन लखनऊ में दो अस्थायी अस्पताल बना रहा है। मुंबई में भी अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं।

 

 

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