अमरनाथ में बादल फटने से 15 की मौत

जम्मू-कश्मीर।अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 15 लोगों की मौत हो गई है। घटना शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर हुई। जिस समय बादल फटा उस समय गुफा के पास 10 से 15 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इस घटना में मरने वालों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। 35 से 40 श्रद्धालुओं के अब भी फंसे होने की खबर है। गुफा के पास फंसे यात्रियों को पंचतरणी ले जाया गया है। एयरफोर्स भी राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
बादल फटने की घटना पवित्र गुफा के एक से दो किलोमीटर के दायरे में हुई। पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आए पानी से श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए करीब 25 टेंट और दो से तीन लंगर बह गए। बारिश से पूरे इलाके में तेजी से पानी भर गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कई श्रद्धालु लापता हैं और उनके तेज बहाव में बहने की आशंका है। गांदरबल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अलर्ट मोड में हैं। घटना के तुरंत बाद सेना, आइटीबीपी, सीआरपीफ, बीएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालकर कैंपों तक पहुंचाया जा रहा है। घायलों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल ले जाया गया है।
बताया जाता है कि जहां अभी बादल फटे हैं वहां पिछले साल भी फटे थे। तब भी महीना जुलाई का ही था लेकिन पिछले साल कोरोना के चलते यात्रा नहीं हुई थी इसलिए कोई हादसा नहीं हुआ। अमरनाथ गुफा के दोनों ही रास्ते कच्चे हैं। सड़कें इतनी संकरी हैं कि घोड़ों को भी एक-एक करके भेजा जाता है। गुफा के आसपास अस्थाई टेंट लगे हैं। जो लोग भवन के पास रुकते हैं उन्हें इन्हीं अस्थाई कैंपों में ठहरना होता है। शुक्रवार को जब बादल फटे तो ढेरों अस्थाई कैंप भी बह गए। इस बार बाबा अमरनाथ की भक्तों से दूरी भी तय की गई है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार ने बताया किए भीड़ से हीट पैदा होती है। इसलिए भक्तों को दूर से ही दर्शन करने की परमिशन दी गई है।
नई व्यवस्था के बाद दर्शन के लिए जगह की व्यवस्था भी बड़ी की गई है जिसके चलते भवन में भक्तों की ज्यादा भीड़ नहीं लग रही। 1 से 2 मिनट में दर्शन हो जा रहे हैं लेकिन भवन तक जो दो सड़कें जाती हैंए वो दोनों ही कच्ची हैं। ऐसे में बादल फटने के बाद इन रास्तों में हर जगह पानी-पानी हो गया है।
अमरनाथ में हुए इस हादसे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू.कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की। उन्होंने हादसे पर दुख जताया और पीड़ित लोगों तक हर मुमकिन मदद पहुंचाने की बात कही। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया बाबा अमरनाथ जी की गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ के संबंध में मैंने एलजी मनोज सिन्हा जी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।

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