बिविस चुनावी समर में बाहुबली दिखाएंगे तेवर
बिहार में चुनाव हो और बाहुबलियों की बात न की जाए तो चुनाव की चर्चा कभी सार्थक न होगी ऐसे में यह आवश्यक है कि बाहुबलियों की भी बात की जाए क्योंकि पहलेे राजनेता बाहुबलियों का सहारा लेते थे लेकिन अब बाहुबलियों ने खुद अपना वर्चस्व स्थापित कर राजनेता बनने को उतारू हैं। बिहार में 243 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में कई बाहुबली नेता फिर से तेवर दिखाएंगे, वहीं उनके रिश्तेदार भी जौहर दिखाने को बेताब हैं। वर्तमान में बिहार के कई बाहुबली आपराधिक कृत्य के लिए जेल की हवा खा रहे हैं लेकिन ऐसे बाहुबलियों का खौफ इनके चुनावी क्षेत्र में आज भी कायम है।
पटना जिले की हाइप्रोफाइल मोकामा सीट से पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के टिकट पर छठी बार जोर आजमा रहे हैं। छोटे सरकार के नाम से चर्चित अनंत सिंह फरवरी एवं अक्टूबर 2005, 2010 ,2015 और 2020 में निर्वाचित हुये हैं। इसी सीट से पूर्व बाहुबली सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी और पूर्व सासंद वीणा देवी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर चुनावी समर में उतरी हैं और जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह को चुनौती पेश कर रही हैं। दानापुर विधानसभा सीट की यदि बात की जाए तो यहां एक आपराधिक मामले में जेल में बंद बाहुबली राजद विधायक रीत लाल यादव चुनावी अखाड़े में जोर आजमा रहे हैं तो वहीं बक्सर जिले की डुमरांव विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री बाहुबली छवि वाले ददन यादव बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनावी मैदान में डटे हैं। ब्रहमपुर सीट से चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर पूर्व विधान पार्षद बाहुबली हुलास पांडेय जोर आजमा रहे हैं। गोपालगंज जिले की कुचायकोट सीट पर जदयू के बाहुबली विधायक अमरेन्द्र पांडेय सियासी पिच पर छक्का मारने के लिये समर में उतरे हैं।
वैशाली जिले की लालगंज सीट की बात की जाए तो यहां से राजद ने पूर्व बाहुबली विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला की पुत्री शिवानी शुक्ला पर दांव लगाया है। लालगंज सीट वर्ष 2000 से वर्ष 2010 तक शुक्ला परिवार के पास रही है। श्री शुक्ला वर्ष 2000 फरवरी एवं अक्टूबर 2005 जबकि उनकी पत्नी अन्नू शुक्ला वर्ष 2010 में इस सीट से निर्वाचित हुई थीं। भोजपुर जिले की संदेश सीट से राजद ने पूर्व बाहुबली विधायक अरुण यादव और विधायक किरण देवी के पुत्र दीपू सिंह को चुनावी दंगल में उतारा है। वहीं शाहपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बाहुबली छवि वाले नेता दिवंगत विश्वेश्वर ओझा के पुत्र राकेश ओझा पर भरोसा जताते हुये उन्हें चुनावी रणभूमि में उतारा है। तरारी से पूर्व बाहुबली विधायक सुनील पांडेय के पुत्र और भाजपा विधायक विशाल प्रशांत चुनावी अखाड़े में फिर ताल ठोक रहे हैं। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जन्मभूमि और कुष्ठ रोग के उन्नमूलन के लिए शुरू हुए राजेन्द्र सेवाश्रम के लिए प्रसिद्ध जीरादेई विधानसभा क्षेत्र से भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) ने बाहुबली विधायक अमरजीत कुशवाहा पर फिर से दांव लगाया है, रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद ने पूर्व बाहुबली सांसद दिवंगत मोहम्मद शाहबुद्दीन के पुत्र ओसामा शहाब को उम्मीदवार बनाया है। एकमा विधानसभा सीट से जदयू ने पूर्व बाहुबली विधायक मनोरंजन उर्फ धूमल सिंह पर भरोसा जताते हुये उन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। बनियापुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व बाहुबली सांसद प्रभुनाथ सिंह के भाई और विधायक केदारनाथ सिंह इस बार दल बदल कर भाजपा के टिकट पर चुनावी अखाड़े में उतरे हैं। वहीं जदयू ने मांझी सीट से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र और पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह को चुनावी दंगल में उतारा है। वारसिलीगंज सीट से भाजपा के टिकट पर बाहुबली अखिलेश सिंह की पत्नी और विधायक अरुणा देवी चुनावी संग्राम में फिर से मोर्चा संभाल रही हैं। गायघाट से बाहुबली नेता और विधान पार्षद दिनेश सिंह और सांसद वीणा देवी की पुत्री कोमल सिंह जदयू के टिकट पर चुनावी रण में उतरी हैं।
नवादा सीट से जदयू ने बाहुबली राजबल्लभ यादव की पत्नी और विधायक विभा देवी चुनावी दंगल में उतारा है, वहीं उनसे लोहा लेने के लिये पूर्व बाहुबली विधायक कौशल यादव राजद के टिकट पर मैदान में उतर आये हैं। गोविंदपुर सीट से कौशल यादव की पत्नी और पूर्व विधायक पूर्णिमा यादव राजद के टिकट पर फिर से भाग्य आजमा रही हैं। रूपौली से बाहुबली अवधेश मंडल की पत्नी पूर्व विधायक बीमा भारती चुनाव लड़ रही हैं। पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के पुत्र और शिवहर की सांसद लवली आनंद के पुत्र और विधायक चेतन आनंद जदयू के टिकट पर नवीनगर से भाग्य आजमा रहे हैं।
