पहला शाही स्नान पर दिखा जबर्दस्त उत्साह
सातों संन्यासी अखाड़ों और किन्नर अखाड़े के संतों ने किया क्रमवार स्नान

हरिद्वार। कुंभ वर्ष में महाशिवरात्रि पर पहले शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त उत्साह रहा। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। गुरुवार तड़के से हरकी पैड़ी क्षेत्र के घाटों पर स्नान शुरू हो गया।
सुबह पांच बजे से साढ़े सात बजे तक हरकी पैड़ी स्थित पवित्र ब्रह्मकुंड श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। यहां स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। सातों संन्यासी अखाड़ों और किन्नर अखाड़े के संतों का क्रमवार स्नान सुबह 11 बजे से निर्धारित था। लिहाजा, मेला पुलिस.प्रशासन ने सुबह आठ बजे से पैरामिलिट्री की मदद से हरकी पैड़ी क्षेत्र को श्रद्धालुओं से खाली करवा कर सील कर दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दूसरे घाटों पर स्नान किया।
श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के नेतृत्व में श्री शंभू पंच अग्नि, श्री पंच दशनाम आह्वान और किन्नर अखाड़े के संत-महंत, नागा संन्यासी निर्धारित समय से पहले ही सुबह 9.47 बजे हरकी पैड़ी पहुंच गए। दोपहर एक बजे श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी और श्री तपोनिधि आनंद अखाड़े के संतों व नागा संन्यासियों ने ब्रह्मकुंड में डुबकी लगाई। अपराह्न चार बजे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री शंभू पंच अटल अखाड़े के संतों ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ स्नान किया। अखाड़ों के साधु, संत, महंत क्रमवार अपने-अपने आचार्य महामंडलेश्वरों के नेतृत्व में रथों पर सवार होकर छावनियों से हरकी पैड़ी पहुंचे।विधि-विधान से स्नान करने के बाद क्रमवार छावनियों में लौटे। संतों के शाही स्नान देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं, आवागमन वाले रूट के दोनों तरफ भी दर्शक खड़े थे।
वहींए दोपहर एक बजे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अचानक हरकी पैड़ी पहुंचे। उन्होंने ब्रह्मकुंड में स्नान करने वाले पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वरों को पहले शाही स्नान की बधाई दी।मुख्यमंत्री ने संतों और मां गंगा का आशीर्वाद लिया। इससे पहले डीजीपी अशोक कुमार ने हरकी पैड़ी का निरीक्षण किया।शाम को गंगा आरती पर हरकी पैड़ी क्षेत्र श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। हरकी पैड़ी को छोड़कर अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं ने शाम छह बजे तक डुबकी लगाई।
